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फारूक अब्दुल्ला बोले: लोग एकजुट होकर चुनौतियों से लड़ें, राज्य के विशेष दर्जे के लिए संघर्ष जारी रहेगा
Thu, 16 Jun 2022 10:58 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 16 Jun 2022 10:58 AM IST
सार
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे हमारे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच स्थायी एकता के बिना जम्मू-कश्मीर में कुछ भी हासिल करने का कोई रास्ता नहीं दिखता है।
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farooq abdullah
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से एकता बनाने और साझा चुनौतियों के लिए मिलकर लड़ने का आह्वान किया। कहा कि उनकी पार्टी पूर्ववर्ती राज्य की विशेष स्थिति की बहाली के लिए लड़ाई जारी रखेगी जिसे 2019 में केंद्र द्वारा रद्द कर दिया गया था।
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उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि मुझे हमारे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच स्थायी एकता के बिना जम्मू-कश्मीर में कुछ भी हासिल करने का कोई रास्ता नहीं दिखता है। हमें खुद को हिंदू-मुस्लिम, शिया-सुन्नी, बरेली-देवबंदी, कश्मीरी-डोगरा के रूप में देखना बंद करना होगा। गरीबी, बेरोजगारी और विकास की आड़ में पैदा होने वाली समस्याओं को खत्म करने के लिए विविधता में एकता ही एकमात्र मंत्र है।
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फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमारी आपसी कलह हमारे वंश को अंधकार में बदल देगी। बंटे हुए हम कुछ भी हासिल नहीं कर सकते, अपने सांविधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को वापस पाने की तो बात ही छोड़िए। लोगों विशेष रूप से राजनीतिक वर्ग को अपने तात्कालिक संकीर्ण हितों से परे देखना होगा और जम्मू-कश्मीर के सभी वर्गों के लिए बेहतर काम करना होगा।
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उन्होंने कहा कि लोगों पर केवल अत्यधिक आवेशित भावनात्मक अलंकारिक भाषावाद की बमबारी की गई है जिसकी श्रव्यता के पैमाने पर तीक्ष्णता सभी सीमाओं को पार कर गई है। वह प्रगति कहां है, कहां हैं वो वादे वाली नौकरियां, दिल की दूरी और दिल की दूरी को पाटने वाली वादा की गई उदारता कहां है।