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इस जमीन पर किसान को सता रहा खेती करने का डर

Tue, 17 Nov 2015 03:51 PM IST
Updated Tue, 17 Nov 2015 03:51 PM IST
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farmers are in problems to plant wheat on land because of pakistan firing

सीमावर्ती गांवों में अभी किसानों ने धान की फसल काटी भी नहीं कि उन्हें गेहूं की फसल बोने की चिंता सताने लगी है। कारण है पाकिस्तान की तरफ से आए दिन होने वाली गोलाबारी।

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पिछले तीन सालों का रिकार्ड खंगाला जाए तो साफ है कि पाकिस्तान ने बार्डर एरिया में फसल लगाने से पहले गोलाबारी की है। इसकी वजह से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र बिना फसल के रह जाता है।
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इस साल धान की फसल के वक्त भी ऐसा हुआ। फसल काटने की बारी हो या लगाने की, पाकिस्तान ने हर बार गोलाबारी की है। जानकारी के अनुसार जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ जिलों में एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर के तीन से चार किलोमीटर के दायरे में 80 हजार हेक्टेयर तक का क्षेत्र आता है।
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इसमें आईबी का 50 हजार और एलओसी और 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। आईबी पर 50 हजार में से 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ऐसा है, जो बार्डर के बिलकुल नजदीक है और पाकिस्तान इसे लगातार टारगेट कर रहा है।

मुश्किल बढ़ रही है किसानों की

farmers are in problems to plant wheat on land because of pakistan firing

अब तो पाकिस्तान उन गांवों को भी निशाना बनाता है, जहां पहले गोलाबारी का नामोनिशान नहीं था। पिछले तीन साल से गेहूं, धान और मक्की की फसल लगाने और काटने के वक्त पाक ने अंधाधुंध गोले बरसा कर रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया।

इस गोलाबारी में सबसे ज्यादा खेतों में काम करने वाले ही निशाना बने। यही कारण है कि किसानों को अब गेहूं बोने की चिंता है। बार्डर के करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान लगाने के समय गोलाबारी हुई।

इसके चलते किसानों ने डर के मारे फसल नहीं लगाई। अब गेहूं की बुआई का समय है। किसानों को चिंता है कि धान की तरह गेहूं बोते वक्त भी गोलाबारी शुरू न हो जाए।

गांव बासपुर के पूर्व सरपंच चौधरी देवराज का कहना है कि धान की फसल लगाने के वक्त भी गोलाबारी हुई थी। अब गेहूं बोना है, यदि गोलाबारी हुई तो यह संभव नहीं हो पाएगा।

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