मुफ्ती के चाहरुम पर उमड़ा सैलाब, फफक कर रो पड़ीं महबूबा
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दारा शिकोह बाग में मुफ्ती की कब्र पर उनकी बेटी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, मुफ्ती की पत्नी तथा बेटा तशादुक मुफ्ती के साथ ही हजारों की संख्या में लोग नम आंखों से पहुंचे।
स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद के चाहरुम पर रविवार को गृह नगर बिजबिहाड़ा में लोगों का हुजूम उमड़ा। दारा शिकोह बाग में मुफ्ती की कब्र पर उनकी बेटी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, मुफ्ती की पत्नी तथा बेटा तशादुक मुफ्ती के साथ ही हजारों की संख्या में लोग नम आंखों से पहुंचे। बेटी महबूबा पिता की कब्र पर फफक फफक कर रो पड़ीं।
मौलाना जिया उल हक ने फातिहा पढ़ा। इसमें मुफ्ती को चाहने वाले हजारों लोग शामिल हुए और अपने नेता को अंतिम विदाई दी।
पूर्व उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल कुमार सिंह के अलावा पूर्व मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी तथा राज्य के मुख्य सचिव बी आर शर्मा, वित्त कमिश्नर बीबी व्यास, डीजीपी के राजेंद्रा मौजूद रहे।
जिस जगह दफन हुए वहीं से शुरू की थी राजनीति
फातिहा के बाद महबूबा अपने भाई के साथ मंच पर पहुंची और जब तक सूरज चांद रहेगा मुफ्ती तेरा नाम रहेगा नारा लगा रही हजारों की भीड़ का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
राज्य के सभी हिस्से से लोग दिनभर आते रहे। सुबह से ही चाहरुम में शामिल होने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। श्रीनगर से काजीगुंड तक श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर यातायात प्रतिबंध लागू किया गया था।
मुफ्ती मोहम्मद सईद को जिस दारा शिकोह पार्क में दफन किया गया वहीं से उन्होंने राजनीतिक पारी की शुरूआत की थी। यहां से राजनीतिक सफर शुरू कर उन्होंने जम्मू-कश्मीर के इतिहास में विकास का नया अध्याय लिखा।