{"_id":"6082f6885cd01661444a36ee","slug":"exercise-to-revive-fsl-in-jammu-and-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: बंद होने की कगार पर खड़े एफएसएल को फिर जिंदा करने की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: बंद होने की कगार पर खड़े एफएसएल को फिर जिंदा करने की कवायद
Fri, 23 Apr 2021 10:02 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 23 Apr 2021 10:02 PM IST
सार
एफएसएल श्रीनगर के बायोलॉजी सेरोलॉजी उप निदेशक शाहुल अहमद को जम्मू में बायोलॉजी सेरोलॉजी एक्सपर्ट बनाकर भेजा गया है। राइटिंग के एक्सपर्ट पहले से मौजूद हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी(एफएसएल) जम्मू को फिर से पुराने ढर्रे पर लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। अलग-अलग एक्सपर्ट की कमी से जूझ रहे एफएसएल में एक्सपर्ट लाने का काम शुरू कर दिया गया है। एक हफ्ते में दो एक्सपर्ट तैनात कर दिए गए हैं। इससे कई मामलों की जांच फिर से शुरू हुई है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि अगले एक महीने में सभी एक्सपर्ट के साथ एफएसएल पूरी तरह से काम करने लगेगा। जानकारी के अनुसार एफएसएल के पास सिर्फ हैंडराइटिंग का एक्सपर्ट ही मौजूद था। जबकि बायोलॉजी, सेरोलॉजी, नारकोटिक्स, केमिकल, एक्सस्लोसिव, डाक्यूमेंट, फिंगर प्रिंट, ब्लैस्टिक और लाई डिटेक्ट के एक्सपर्ट नहीं थे।
विज्ञापन
इसकी वजह से इन सभी से संबंधित मामले चंडीगढ़ एफएसएल और श्रीनगर एफएसएल भेजे जा रहे थे। अब गृह विभाग ने चार विभागों के एक्सपर्ट को तैनात कर दिया गया है। दिसंबर 2020 में रिटायर होने वाले नारकोटिक्स और केमिकल के एक्सपर्ट उप निदेशक पवन कुमार अबरोल को फिर से संबंधित विभाग का एक्सपर्ट नियुक्त किया गया है। एक साल तक उनकी सेवाएं ली जाएंगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- पीपीई किट पहन लूटी बैंक: पुलिस के हाथ लगी कार और राइफल, इस तरह अंजाम दी गई थी वारदात
Trending Videos
पांच सौ से ज्यादा मामले लंबित
जानकारी के अनुसार एफएसएल में इस समय विभिन्न तरह के 500 से अधिक मामले जांच के लिए लंबित पड़े हुए हैं। इनमें अधिकतर मामले नारकोटिक्स और केमिकल के हैं। एक्सपर्ट आने से अब इन मामलों की जांच तेजी से हो सकेगी। इसके पहले मामलों को जांच के लिए चंडीगढ़ और श्रीनगर एफएसएल भेजा जा रहा था।.