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विस के पूर्व अध्यक्षों ने की गैरकानूनी नियुक्तियां

Sat, 11 Jul 2015 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 11 Jul 2015 09:38 AM IST
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ex Vidhansabha chairman did ilegeal appointments

विधानसभा सचिवालय में गैरकानूनी ढंग से नियुक्तियों के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब स्टेट विजिलेंस अफसर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि विधानसभा के तीन पूर्व अध्यक्षों ने गैरकानूनी ढंग से नियुक्तियां कीं। इनमें मोहम्मद अकबर लोन, मुबारक गुल और तारा चंद शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि समाज सेवी प्रो. एसके भल्ला की ओर से दायर बहुचर्चित जनहित याचिका में अदालत से आग्रह किया था कि विजिलेंस को पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अकबर लोन और विधानसभा सचिव मोहम्मद रमजान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाएं।

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हाईकोर्ट के जस्टिस वंसी लाल भट ने ओपन कोर्ट में पाया कि आज समय की कमी है और इस पर विचार करने के लिए काफी समय चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेटस रिपोर्ट पर पूरी तरह से अध्ययन करने की जरूरत है। जस्टिस भट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकार्ड में लेने के निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई तीन अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध करने को कहा।
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मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील शेख शकील अहमद, राहुल रैना और इरफान मोहम्मद खान अदालत का ध्यान 16 अप्रैल 2015 को जारी आदेश की ओर दिलाया, जिसमें हाईकोर्ट के जस्टिस जनक राज कोतवाल ने विजिलेंस की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए विस्तृत आदेश दिया था। विधानसभा सचिवालय में भर्ती मामले में चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
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वीकल ने कोर्ट से आग्रह किया कि स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर पूर्व अध्यक्ष व सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विजिलेंस को निर्देश दिए जाएं। विजिलेंस रिपोर्ट में कहा गया कि पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अकबर लोन, तारा चंद और मुबारक गुल के कार्यकाल में कुल 37 अवैध नियुक्तियां की गईं। इनमें से लोन ने 28, तारा चंद ने पांच और मुबारक गुल ने चार नियुक्तियां कीं।


विधानसभा सचिवालय के रिकार्ड में यह जिक्र नहीं है कि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन निकाला गया। न ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गई। अध्यक्ष के उपसचिव ने बताया कि नियुक्ति की प्रक्रिया के बिना विभिन्न स्पीकरों द्वारा सीधे आवेदन प्राप्त किए। इनमें 13 पद उच्च वेतनमान के हैं, जबकि शेष क्लास फोर इंप्लाइज के हैं। आवेदन के लिए कोई विज्ञापन तक नहीं निकाला गया और नियुक्तियों के दौरान कानून व नियमों का उल्लंघन किया गया। जेएनएफ

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