नहीं खाली करने होगे पूर्व विधायकों को अपने घर
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राज्यपाल शासन लगने से जीते हुए विधायकों में जहां मायूसी है, वहीं पूर्व विधायकों और मंत्रियों के इससे वारे-न्यारे हो गए हैं। अब इनको फिलहाल अपने सरकारी आवास नहीं छोड़ने पड़ेंगे। राज्यपाल शासन को लेकर इन्होंने राहत की सांस ली है।
इस्टेट विभाग भी राज्यपाल शासन लगने से राहत महसूस कर रहा है, क्योंकि सरकार के गठन होते ही नवनिर्वाचित विधायकों और सरकार के मंत्रियों के लिए विभाग को इंतजाम करने पड़ते। इसके लिए विभाग में कई दिनों से तैयारी भी चल रही थी।
जानकारी के अनुसार इस्टेट विभाग पूर्व विधायकों और पूर्व सरकार के मंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने का निर्देश जारी करने वाला था। सरकार बनने की अटकलों के बीच विभाग ने पूर्व विधायकों की सूची बनाना भी शुरू कर दिया था।
नई सरकार के गठन को लेकर पूर्व विधायक और मंत्रियों ने आवास छोड़ने की तैयारी कर ली थी, लेकिन राज्यपाल शासन के बीच फिलहाल अभी वह सरकारी आवासों में ही रहेंगे। जब तक विभाग की ओर से इन्हें आवास छोड़ने का नोटिस नहीं मिलता, तब तक वह इन आवासों में बने रहेंगे।
इस्टेट विभाग के उप निदेशक विनोद कुमार का कहना है कि जब तक विभाग की ओर से पूर्व विधायकों और मंत्रियों को कोई नोटिस नहीं मिलता, तब तक वह आवासों में रह सकते हैं।
नए विधायकों में मायूसी
विधानसभा चुनाव में जीते हुए विधायकों को राज्यपाल शासन लगने से मायूसी हुई है। सूत्रों की मानें तो परिणाम घोषित होने के कुछ दिन बाद ही विधायकों ने इस्टेट विभाग को अपने पसंद के बंगले लेने के लिए फरमाइश करना शुरू कर दिया था।
यही नहीं, सरकार में खुद को मंत्री बनने का दावेदार मान कर अपने आवास के लिए संपर्क कई विधायकों ने किया, लेकिन राज्यपाल शासन लगने से विधायकों के सपने फिलहाल धरे के धरे रह गए हैं। जब तक सरकार का गठन नहीं होगा, नव निर्वाचित विधायकों को तब तक अपने ही घरों में रहना पड़ेगा।
सरकार गठन को लेकर इस्टेट विभाग भी जी जान से जुटा हुआ था। विभाग ने कुछ बंगले लिए हुए थे, लेकिन राज्यपाल शासन लगने से विभाग को राहत मिली है। अब अगले तीन चार महीने तक विभाग को बंगले ढूंढने और फर्नीचर लगाने की कोई टेंशन नहीं होगी।