हर कश्मीरी अलगाववादी नहीं होता
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प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने सियासी एजेंडे को अवाम के बीच प्रचारित करना शुरू कर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा जम्मू में हिंदू, कश्मीर में मुसलमान और लद्दाख में बौद्ध धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होने देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ और सबका विकास के एजेंडे को कश्मीर संभाग में भाजपा प्रभावी तरीके से लागू करेगी। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया ने पार्टी विधायकों के साथ पत्रकार वार्ता में एलान किए।
उन्होंने कहा कि नेकां, कांग्रेस और पीडीपी की कश्मीर विरोधी नीतियों की वजह से स्थानीय अवाम को अलगाववाद के समर्थक के रूप में पेश किया गया। हकीकत यह है कि हर कश्मीरी अलगाववाद अथवा आतंकवाद का समर्थक नहीं है।
'भाजपा को भी एक मौका देकर देखें'
अशोक खजूरिया ने कहा कि अब कश्मीरी अवाम के पास समय आने वाला है। कश्मीरी अवाम फैसला करे कि आखिर कब तक उसे नेकां, पीडीपी और कांग्रेस जैसे सियासी दलों को झेलना है।
पिछले 65 साल से इन दलों को कश्मीरी अवाम ने आजमाया है अब भाजपा को भी एक मौका देकर देखें। इसलिए ही भाजपा मिशन 44 प्लस के तहत कश्मीर में भी काम शुरू किया है।
नेता भाजपा विधायक दल ने स्पष्ट किया कि कश्मीर में समान विचारधारा वाले संगठनों और निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे सशक्त उम्मीदवारों के साथ भाजपा संपर्क में है।
जल्द ही पार्टी का संसदीय बोर्ड राज्य में प्रत्याशियों के चयन और तालमेल से संबंधित फैसले लेगा।
'पाकिस्तान से वार्ता बंद करना जायज'
पाकिस्तान से वार्ता बंद करने के केंद्र के फैसले को उन्होंने जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि अलगाववाद, आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। हालांकि वार्ता नहीं होने का सबसे अधिक दुख नेकां और पीडीपी को हुआ है।
टिकटों के आवंटन से संबंधित सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके साथ जितने भी विधायक इस समय बैठे, उन्हें उम्मीद है कि इन सभी को टिकट मिल जाएगी।
इस मौके पर भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा, चौधरी सुखनंदन, शाम चौधरी, दुर्गा दास, बलदेव शर्मा, जगदीश सपोलिया, प्रो. गारू राम, मास्टर लाल चंद के अलावा कश्मीर इकाई के प्रभारी रमेश अरोड़ा भी मौजूद थे।