J&K: अब तुर्किये भी आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान का दे रहा साथ, नगरोटा में बरामद हुईं तुर्की पिस्टलें
जम्मू के नगरोटा में गिरफ्तार एक आतंकी मददगार से तुर्की निर्मित तीन पिस्टल बरामद हुई हैं, जो पाकिस्तान से भेजी गई थीं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, तुर्किये अब पाकिस्तान के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
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ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान पर मेहरबान होने वाला तुर्किए अब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भी पड़ोसी देश की मदद कर रहा है। हाल ही में जम्मू के नगरोटा में गिरफ्तार किए गए आतंकी मददगार से सीमा पार से भेजी गईं तुर्की निर्मित तीन पिस्टल बरामद की गईं।
ये पहला ऐसा मामला है कि जब तुर्किये में निर्मित पिस्टल जम्मू-कश्मीर से बरामद की गई हों। इस पर रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जान-बूझकर तुर्किये पाकिस्तान की मदद रहा है, क्योंकि भारत ने तुर्किये को खुले तौर पर पाकिस्तान का मददगार बताया था।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद का कहना है कि पहले चीन पाकिस्तान की मदद करता था। फिर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की ओर से छोड़े गए हथियारों का इस्तेमाल किया। अब तुर्किये पाकिस्तान का मददगार बनने का प्रयास कर रहा है।
जिससे भारत ने कारोबार के तमाम रास्ते बंद कर दिए हैं, क्योंकि दोनों देश एक ही सोच के हैं, इसलिए पाकिस्तान की मदद रहा है। ऑपरेशन में सिंदूर में तुर्किये ने खुलकर पाकिस्तान की मदद की थी। तुर्किये की ड्रोन और मिसाइल इस्तेमाल की गईं, इसलिए अब वह आतंकवाद में ही पाकिस्तान की मदद कर रहा है। हालांकि तुर्किये निर्मित हो या चाइनीज पिस्टल, इसका सुरक्षा को लेकर कोई असर नहीं और कोई चुनौती नहीं होगी।
पाकिस्तान के पास हथियार नहींसेना के पूर्व कर्नल सुशील पठानिया का कहना है कि पाकिस्तान कंगाल देश है। इसके पास अपने हथियार बनाने की ताकत नहीं। इसलिए चीन और तुर्किये से मदद ले रहा है। पाकिस्तान की मदद करने वाले देश भारत से सीधा तनाव रखते हैं, इसलिए वे हर तरह से उनकी मदद कर रहे हैं। भविष्य में तुर्किये से बने और हथियार आएंगे। इसमें कोई शक नहीं।
पंजाब से शुरू हुआ था सिलसिला बता दें कि जम्मू से पहले पंजाब में ड्रोन के जरिए तुर्किये के हथियार आना शुरू हुआ था। पंजाब में तीन से चार बार तुर्किये निर्मित पिस्टल पहुंच चुकी हैं। जम्मू में यह पहला मामला था। जब सीमा पार से तुर्किये से निर्मित पिस्टल भेजी गईं, जो नगरोटा में गिरफ्तार आतंकी मददगार से मिलीं। आरोपी पूछताछ में यह भी कबूला है कि उसे कई और खेप सीमा पार से लाने के लिए कहा गया था।