फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   End of municipal council

Jammu News: विकास कम राजनीति हुई ज्यादा, गलियों-नालियां बनाकर जरूर पूरा किया वादा

विज्ञापन
End of municipal council
अरनिया नगर पालिका का कार्यकाल खत्म, तहसील दफतर की देन के लिए याद किया जाएगा हाउस
विज्ञापन

5 साल के कार्यकाल में विकास कार्य तो हुए पर ज्यादातर अधूरे
अरनिया
अरनिया नगरपालिका का कार्यकाल खत्म हो गया है। पांच साल का यह वक्त काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2018 में नगर पालिका गठन के बाद हाउस की पहली बैठक में कई विकास कार्यों को लेकर दावे किए गए थे जिन पर अरनिया नगर पालिका खरी नहीं उतर पाई है। नगर पालिका के पार्षदों ने पहली बैठक में कस्बे में टूरिज्म, बिजली, ड्रेनेज, तालाबों का जीर्णोद्धार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पार्किंग, पानी, गली, नालियों के काम और अन्य छोटे-मोटे मुद्दों को हल करने की शपथ ली थी लेकिन पांच साल बीत गए लेकिन मुद्दे वहीं खड़े हैं। कई काम शुरू हुए तो वो अधर में लटके हैं। कई मुद्दों पर तो पांच साल राजनीतिक ही होती रही।

पालिका का अपने कार्यालय का काम अधूरा, बिजली के मामले में बड़ी राहत जरूर
जनता के मुद्दे तो एक तरफ अरनिया नगर पालिका अपने काम पूरे नहीं कर पाई है। हाउस की बैठक में निर्णय लेने के बाद नए दफ्तर का निर्माण शुरू करवाया गया था जो आज भी मुकम्मल नहीं है। बिजली के मामले में राहत जरूर मिली है क्योंकि पालिका बिजली का नया रिसीविंग स्टेशन स्थापित करने में कामयाब रही है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में जगह का चयन कर पालिका ने राहत दी है। इसका टेंडर भी कर दिया गया है लेकिन निर्माण बाकी है। तहसील कार्यालय का दफ्तर किराए से हटकर स्थायी कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। नगर पालिका के अंतर्गत गली-नालियों का काम जरूर दिखता है। मुख्य बाजार में तारकोल डालने का काम करके भी पालिका ने लोगों को राहत दी है। वार्ड-2 में पार्क का जीर्णोद्धार कर बच्चों के के लिए झूले, सैर करने के लिए फुटपाथ और ओपन जिम की सुविधा लोगों को दी गई है।
विज्ञापन

न प्राइमरी हेल्थ सेंटर ट्रामा बन पाया न ड्रेनेज समस्या हल हुई
अरनिया कस्बे में स्वास्थ्य की सुविधा में कोई बढ़ोतरी नहीं हो पाई। प्राइमरी हेल्थ सेंटर को ट्रामा सेंटर में अपग्रेड करने का सपना अभी अधूरा है। गोलीबारी से प्रभावित अरनिया सेक्टर में स्वास्थ्य की सुविधा न के बराबर है। आज भी लोगों को इलाज के लिए जम्मू का रुख करना पड़ता है। अरनिया कस्बे में शिक्षा के क्षेत्र में कोई कदम नहीं उठाया गया है। हायर सेकेंडरी में नई स्ट्रीम लागू करने का वादा पूरा नहीं हो पाया। 20 साल से जो स्कूल की स्थिति भी पहले जैसी ही है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है। शहर में ड्रेनेज की व्यवस्था सही करने में भी पार्षद लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए हैं। आज भी लोग ड्रेनेज की समस्या से जूझ रहे हैं। टूरिज्म के क्षेत्र में एक पत्थर नहीं लगा। शहर के लिए सबसे बड़ा मुद्दा पार्किंग था, जिसे हल करने के बड़े वादे किए गए थे लेकिन पांच साल बाद भी हालात नहीं बदले। तमाला मैदान को लेकर नगर पालिका कुछ नहीं कर पाई। पांच साल के कार्यकाल में तमाला मैदान की स्थिति बद से बदतर होती गई। कस्बे में लोगों को सुविधा के लिए कई शौचालय बनाए गए लेकिन चालू नहीं हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


विवादाें से रहा नाता, अविश्वास प्रस्ताव के आस-पास रही राजनीति की धुरी
नगर पालिका के अस्तित्व में आने के बाद भाजपा के रमेश सैनी को नगर पालिका का अध्यक्ष चुना गया था परंतु 13 में से सात पार्षदों द्वारा पांच साल में दो बार अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रख दिया। बाद में मामला कोर्ट में चला गया। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पांच साल में कई अटकलें लगती रहीं परंतु किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका। अविश्वास प्रस्ताव के आस-पास ही पूरी राजनीति घूमती रही। नगर पालिका के अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर खींचतान से विकास कार्य भी प्रभावित हुए।


निवर्तमान पार्षदों ने किया काम का आकलन, माना-दोहरी राजनीति के चलते कई काम रुक गए
बैठक में पार्किंग और टूरिज्म को लेकर मुद्दा उठाया। कार्यक्रम माई टाउन माई प्राइड में दोनों मुद्दों को प्रमुखता से उजागर किया। पार्किंग के लिए शहर के बीचों-बीच छह कनाल जगह चिह्नित की गई। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनीं लेकिन दोहरी राजनीति के चलते इन दोनों कार्यों को सिरे नहीं चढ़ने दिया जाएगा। -निवर्तमान पार्षद कैलाश चंद्र सैनी, वार्ड-5

गलियों-नालियों का मरम्मत कार्य होता रहा है परंतु वार्ड में मौजूद कम्युनिटी हॉल के मरम्मत कार्य के प्रस्ताव को कई बार हाउस में रखा पर राजनीति के चलते कार्य नहीं करवाया गया। इसका उन्हें आज भी मलाल है। -नरेश कुमार, वार्ड-2

वार्ड में प्राइमरी स्कूल बंद पड़ा था। उसकी हालत दयनीय है। इस इमारत में लोगों की लाइब्रेरी के लिए प्रस्ताव रखा गया था। इसे पूरा कर दिया गया है। -यशपाल सैनी, वार्ड-8

वार्ड में एक पुराना ओवरहेड टैंक बना है जो जर्जर है। भूकंप के झटके लगने से यह क्षतिग्रस्त हो चुका है। नगर पालिका की बैठक में उसे डिस्मेंटल करने का प्रस्ताव कई बार रखा परंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज भी 40 से 50 घर दहशत के साये में जी रहे हैं। -श्याम लाल, निवर्तमान उप चेयरमैन, वार्ड-7


वार्ड में मंडी बनाई गई है, जो व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है लेकिन इसे अभी चालू नहीं किया गया है। दूसरी ओर मुख्य बस स्टैंड का नए सिरे से कायाकल्प के लिए कई बार प्रस्ताव रखा गया जिसको दरकिनार किया गया। -अजय कुमार, वार्ड-3
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed