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Jammu News: अतिक्रमणकारियों को संतुष्ट करना तहसील प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
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अर्जी लगाने के बाद भी प्रशासन नहीं कर पा रहा अतिक्रमणकारियों की भूमि की निशानदेही
दो तारीखें निकलीं, तहसीलदार ने अभी और समय लगने की जताई संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। शेर-ए-चक गांव में ग्रामीणों की समस्या हल करने के बाद राजस्व विभाग के सामने अतिक्रमणकारियों को संतुष्ट करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। तहसील प्रशासन को सरकारी भूमि मुक्त करवाकर एक साफ रिपोर्ट एडीसी जम्मू के समक्ष पेश करनी है। लेकिन, इस मार्ग में अतिक्रमणकारी रोड़ा बन रहे हैं। उन्हें शांत करने के विभाग वीरवार को उनकी जमीन की भी निशानदेही करने वाला था, लेकिन अज्ञात कारणों से यह काम हो न सका।
राजस्व विभाग ने अतिक्रमणकारियों में से एक जगदीश राज की जमीन की निशानदेही करने का समय बीता मंगलवार बताया था। दिन गुजरने के बाद विभाग ने वीरवार का नया दिन तय किया। लेकिन, इन दोनों ही दिनों में विभाग निशानदेही नहीं कर पाया। इससे ग्रामीणों में भी रोष बढ़ रह है, क्योंकि अतिक्रमणकारी उस जमीन पर फिर से कब्जा कर रहे हैं। 9 जून को राजस्व विभाग ने अतिक्रमणकारियों से सरकारी भूमि मुक्त करवाकर बोर्ड लगा दिया था। उसके बाद अतिक्रमणकारियों ने अपनी जमीन की पैमाइश नहीं होने को लेकर ऐतराज जताया। उन्होंने निशानियां उखाड़ दीं, और ट्रैक्टर से भूमि को जोत डाला। इसके बाद ही तहसील प्रशासन ने सुनवाई की और अतिक्रमणकारियों की भूमि की पैमाइश करने का समय दिया। अब वह समय बढ़ता ही जा रहा है।
इस पर ग्रामीणों का कहना है कि तहसील प्रशासन की अतिक्रमणकारियों के साथ मिलीभगत है, इसलिए उन्हें आराम से सरकारी भूमि पर कब्जा करने का मौका दिया जा रहा है। वे धीरे-धीरे सरकारी भूमि को फिर से हड़प रहे हैं। तहसील प्रशासन जब तक यहां पैमाइश के लिए आएगा, तब तक इस सरकारी भूमि पर पूरी तरह से कब्जा हो चुका होगा। फिर भारी मशक्कत कर ग्रामीण दोबारा भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए प्रशासनिक कार्यालय के चक्कर लगाएंगे।
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वीरवार को निशानदेही नहीं हो पाई है। निशानदेही में अभी समय लग सकता है। जब भी निशानदेही होगी तो अपील करता को पहले बता दिया जाएगा।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़
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दो तारीखें निकलीं, तहसीलदार ने अभी और समय लगने की जताई संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। शेर-ए-चक गांव में ग्रामीणों की समस्या हल करने के बाद राजस्व विभाग के सामने अतिक्रमणकारियों को संतुष्ट करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। तहसील प्रशासन को सरकारी भूमि मुक्त करवाकर एक साफ रिपोर्ट एडीसी जम्मू के समक्ष पेश करनी है। लेकिन, इस मार्ग में अतिक्रमणकारी रोड़ा बन रहे हैं। उन्हें शांत करने के विभाग वीरवार को उनकी जमीन की भी निशानदेही करने वाला था, लेकिन अज्ञात कारणों से यह काम हो न सका।
राजस्व विभाग ने अतिक्रमणकारियों में से एक जगदीश राज की जमीन की निशानदेही करने का समय बीता मंगलवार बताया था। दिन गुजरने के बाद विभाग ने वीरवार का नया दिन तय किया। लेकिन, इन दोनों ही दिनों में विभाग निशानदेही नहीं कर पाया। इससे ग्रामीणों में भी रोष बढ़ रह है, क्योंकि अतिक्रमणकारी उस जमीन पर फिर से कब्जा कर रहे हैं। 9 जून को राजस्व विभाग ने अतिक्रमणकारियों से सरकारी भूमि मुक्त करवाकर बोर्ड लगा दिया था। उसके बाद अतिक्रमणकारियों ने अपनी जमीन की पैमाइश नहीं होने को लेकर ऐतराज जताया। उन्होंने निशानियां उखाड़ दीं, और ट्रैक्टर से भूमि को जोत डाला। इसके बाद ही तहसील प्रशासन ने सुनवाई की और अतिक्रमणकारियों की भूमि की पैमाइश करने का समय दिया। अब वह समय बढ़ता ही जा रहा है।
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इस पर ग्रामीणों का कहना है कि तहसील प्रशासन की अतिक्रमणकारियों के साथ मिलीभगत है, इसलिए उन्हें आराम से सरकारी भूमि पर कब्जा करने का मौका दिया जा रहा है। वे धीरे-धीरे सरकारी भूमि को फिर से हड़प रहे हैं। तहसील प्रशासन जब तक यहां पैमाइश के लिए आएगा, तब तक इस सरकारी भूमि पर पूरी तरह से कब्जा हो चुका होगा। फिर भारी मशक्कत कर ग्रामीण दोबारा भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए प्रशासनिक कार्यालय के चक्कर लगाएंगे।
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वीरवार को निशानदेही नहीं हो पाई है। निशानदेही में अभी समय लग सकता है। जब भी निशानदेही होगी तो अपील करता को पहले बता दिया जाएगा।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़