{"_id":"64974fd951a1fd4423041af4","slug":"encroachment-in-arnia-samba-news-c-274-1-rsp1001-35-2023-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: तहसीलदार को मिली निशानदेही की रिपोर्ट, नहीं होगी सार्वजनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: तहसीलदार को मिली निशानदेही की रिपोर्ट, नहीं होगी सार्वजनिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहा - गांव शेर-ए-चक में हो गई सरकारी जमीन बहाल, अब अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव शेर-ए-चक में अतिक्रमण पर कार्रवाई की रिपोर्ट संयुक्त समिति ने तहसीलदार सुचेतगढ़ को सौंप दी है। तहसीलदार निर्भय शर्मा ने बताया है कि लोगों की मांग पर सरकारी भूमि को बहाल कर दिया गया है। अब उस पर कोई अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, अभी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
इस बारे में ग्रामीणों का कहना है कि समिति की रिपोर्ट लिखित में सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि कोई आपत्ति न रहे। जो भूमि बहाल की गई है, वह किसकी निगरानी में रहेगी? अगर उस पर कोई अतिक्रमण करता है, तो किसे रिपोर्ट की जाएगी? जब तक लिखित में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती, इन विषयों पर असमंजस रहेगी। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में वह सोमवार को तहसीलदार के पास जाएंगे, और रिपोर्ट की एक कॉपी ग्रामीणों को देने के लिए कहेंगे। ग्रामीणों ने कहा रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से अतिक्रमणकारी सरकारी भूमि पर हावी रहेंगे, और बिना वजह लोगों के बीच झड़प होती रहेगी।
गौरतलब है कि लोग सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के चलते दो महीने से प्रशासन से उसकी बहाली के लिए गुहार लगा रहे थे। तहसीलदार ने भूमि को बहाल करने के लिए समिति बनाई थी, जिसमें तहसील प्रशासन अरनिया और सुचेतगढ़ के राजस्व अधिकारी मौजूद थे। गांव में दोनों तरफ निशानदेही कर खसरा नंबर के साथ सरकारी भूमि का बोर्ड लगा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव शेर-ए-चक में अतिक्रमण पर कार्रवाई की रिपोर्ट संयुक्त समिति ने तहसीलदार सुचेतगढ़ को सौंप दी है। तहसीलदार निर्भय शर्मा ने बताया है कि लोगों की मांग पर सरकारी भूमि को बहाल कर दिया गया है। अब उस पर कोई अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, अभी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
इस बारे में ग्रामीणों का कहना है कि समिति की रिपोर्ट लिखित में सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि कोई आपत्ति न रहे। जो भूमि बहाल की गई है, वह किसकी निगरानी में रहेगी? अगर उस पर कोई अतिक्रमण करता है, तो किसे रिपोर्ट की जाएगी? जब तक लिखित में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती, इन विषयों पर असमंजस रहेगी। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में वह सोमवार को तहसीलदार के पास जाएंगे, और रिपोर्ट की एक कॉपी ग्रामीणों को देने के लिए कहेंगे। ग्रामीणों ने कहा रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से अतिक्रमणकारी सरकारी भूमि पर हावी रहेंगे, और बिना वजह लोगों के बीच झड़प होती रहेगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि लोग सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के चलते दो महीने से प्रशासन से उसकी बहाली के लिए गुहार लगा रहे थे। तहसीलदार ने भूमि को बहाल करने के लिए समिति बनाई थी, जिसमें तहसील प्रशासन अरनिया और सुचेतगढ़ के राजस्व अधिकारी मौजूद थे। गांव में दोनों तरफ निशानदेही कर खसरा नंबर के साथ सरकारी भूमि का बोर्ड लगा दिया है।
विज्ञापन