{"_id":"6482330eb4ce9c861d027552","slug":"encroachment-in-arnia-samba-news-c-10-1-135624-2023-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: अतिक्रमण वाले रास्ते के रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: अतिक्रमण वाले रास्ते के रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे अधिकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वीरवार को भी नहीं हो सकी गांव शेर-ए-चक में रास्ते की निशानदेही
राजस्व विभाग के अधिकारी ने शुक्रवार को काम होने की जताई संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव शेर-ए-चक में अतिक्रमण वाले रास्ते की वीरवार को भी निशानदेही नहीं हो सकी। राजस्व विभाग के अधिकारी ने अब निशानदेही के लिए शुक्रवार का समय ग्रामीणों को दिया है। सूत्र बताते हैं कि वीरवार को दोनों तहसीलों के नायब तहसीलदार कार्यालय में अतिक्रमण वाले रास्ते के रिकॉर्ड को खंगालने में जुटे रहे। ताकि, वे निशानदेही के लिए पूरी तैयारी के साथ जा सकें।
गौरतलब है कि बुधवार को तहसील प्रशासन अरनिया और सुचेतगढ़ ने गांव में रास्ते की निशानदेही करने की कोशिश की थी। परंतु, गलत जगह पर निशानदेही करते देख ग्रामीणों ने उसका विरोध किया था। इसके बाद संयुक्त समिति के सदस्यों ने चुप्पी साध ली और वीरवार का समय देकर चलते बने। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर असमंजस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के साथ जरूर कोई छेड़खानी हुई है। इसलिए, टीम गलत स्थान पर निशानदेही करने लगी थी। इसलिए, शुक्रवार को अगर टीम निशानदेही के लिए आती हैं तो उससे शेर-ए-चक गांव के लोगों की हदबंदी पहले तय करने के लिए कहा जाएगा। दूसरा अरनिया की हदबंदी के लिए नहर से जो पैमाइश की गई है, उसे भी नहर के बजाय अरनिया की किसी पक्की निशानी से शुरू करवाया जाएगा।
-- -
मुझे एक नहीं बल्कि 104 गांवों के कामकाज देखने होते हैं। वैसे भी मेरे पास इस रास्ते की निशानदेही के लिए 12 जून तक का समय है। निर्देशानुसार समय सीमा में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़
विज्ञापन
राजस्व विभाग के अधिकारी ने शुक्रवार को काम होने की जताई संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव शेर-ए-चक में अतिक्रमण वाले रास्ते की वीरवार को भी निशानदेही नहीं हो सकी। राजस्व विभाग के अधिकारी ने अब निशानदेही के लिए शुक्रवार का समय ग्रामीणों को दिया है। सूत्र बताते हैं कि वीरवार को दोनों तहसीलों के नायब तहसीलदार कार्यालय में अतिक्रमण वाले रास्ते के रिकॉर्ड को खंगालने में जुटे रहे। ताकि, वे निशानदेही के लिए पूरी तैयारी के साथ जा सकें।
गौरतलब है कि बुधवार को तहसील प्रशासन अरनिया और सुचेतगढ़ ने गांव में रास्ते की निशानदेही करने की कोशिश की थी। परंतु, गलत जगह पर निशानदेही करते देख ग्रामीणों ने उसका विरोध किया था। इसके बाद संयुक्त समिति के सदस्यों ने चुप्पी साध ली और वीरवार का समय देकर चलते बने। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर असमंजस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के साथ जरूर कोई छेड़खानी हुई है। इसलिए, टीम गलत स्थान पर निशानदेही करने लगी थी। इसलिए, शुक्रवार को अगर टीम निशानदेही के लिए आती हैं तो उससे शेर-ए-चक गांव के लोगों की हदबंदी पहले तय करने के लिए कहा जाएगा। दूसरा अरनिया की हदबंदी के लिए नहर से जो पैमाइश की गई है, उसे भी नहर के बजाय अरनिया की किसी पक्की निशानी से शुरू करवाया जाएगा।
विज्ञापन
मुझे एक नहीं बल्कि 104 गांवों के कामकाज देखने होते हैं। वैसे भी मेरे पास इस रास्ते की निशानदेही के लिए 12 जून तक का समय है। निर्देशानुसार समय सीमा में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़