श्रीनगर में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमला, दो हमलावर ढेर, आईएसजेके का दहशतगर्द गिरफ्तार
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शहर के बाहरी क्षेत्र लावेपोरा में बुधवार को सुरक्षा बलों पर हमले के तत्काल बाद मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया गया। एक आतंकी घायल हुआ, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हमले में सीआरपीएफ जवान रमेश रंजन शहीद हो गए। मारे गए आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है।
हमले को लश्कर-ए-ताइबा, हिजबुल मुजाहिदीन और आईएसजेके के तीन आतंकियों ने अंजाम दिया। इनमें लश्कर आतंकी जिया उर रहमान (बडगाम) और हिजबुल का खतीब (बिजबिहाड़ा) मारे गए। आईएसजेके आतंकी उमर फैय्याज को गिरफ्तार किया गया है। श्रीनगर से करीब 17 किलोमीटर दूर लावेपोरा इलाके में पहले से मिले इनपुट्स के आधार पर सीआरपीएफ की 73 बटालियन ने नाका लगाया था।
सुबह करीब 11 बजे एक स्कूटी को रुकने का इशारा किया गया। यह स्कूटी श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग पर बारामुला से श्रीनगर की ओर आ रही थी। इस पर तीन लोग सवार थे। तीनों का हुलिया ठीक वैसा ही था जैसा सीआरपीएफ को पहले से ही बताया गया था। स्कूटी रुकते ही सबसे पीछे बैठे खतीब ने अपनी पिस्टल से सीआरपीएफ के कांस्टेबल रमेश रंजन को नजदीक से सिर पर गोली मार दी।
घायल होने के बावजूद रमेश ने जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद नाके पर तैनात जवानों में मोर्चा खोल दिया। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मौके पर ही ढेर कर दिए गए। तीसरे को जख्मी हालत में सुरक्षाबलों ने अस्पताल पहुंचाया। उसे सीने में गोली लगी थी।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि दो आतंकी मौके पर ही मार गिराए गए जबकि तीसरे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीआरपीएफ जवानों की सतर्कता की वजह से ही कामयाबी हाथ लगी है। सीआरपीएफ के एडीजी ज़ुल्फि कार हसन ने कहा कि जवानों द्वारा राजमार्ग पर भारी यातायात होने के चलते संयम बरता गया ताकि किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान न हो।
कई घटनाओं में शामिल थे जिया और खतीब
आईजी विजय कुमार ने बताया कि जिया कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था और उसके खिलाफ कई एफ आईआर भी है। तीनों आतंकी अलग-अलग तंजीम से थे। पूर्व एमएलसी मुजफ्फ र पररे के घर से हथियार लूटने की घटना में जिया शामिल था। खतीब का जीजा मुगीस मीर भी आतंकी रहा है जो इससे पहले एक मुठभेड़ में मारा गया था।
इस साल अब तक 20 आतंकी ढेर
डीजीपी ने कहा कि वर्ष 2020 में अब तक सुरक्षाबलों ने कई सफ ल ऑपरेशन अंजाम दिए हैं। करीब 20 आतंकियों को मार गिराया गया है जबकि सुरक्षाबलों के तीन जवान शहीद हुए हैं। घाटी में कई आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर कई सदस्य पकड़े गए हैं।
आतंकी संगठन मिलकर कर रहे हैं काम :डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि घाटी में आतंकी संगठन पिछले काफ ी अरसे से मिलकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पिछले करीब एक साल से हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद साथ हैं। हिजबुल इन बाकी संगठनों के साथ साथ चलता है और हाइडआउट से लेकर हर सुविधा प्रदान करने में सहायता करता है। पिछले कई एनकाउंटर में हिज्ब, जैश और लश्कर के आतंकी एक साथ पाए गए हैं।