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Jammu News: बिजली के लंबे कट, लग रहे फटाफट
Thu, 27 Jun 2024 05:55 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 27 Jun 2024 05:55 AM IST
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शेड्यूल कट के अलावा बड़े पैमाने पर की जा रही बिजली कटौती
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सीमावर्ती क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीणों में हाहाकार मचा हुआ है। नतीजतन लोग बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। बिजली के शेड्यूल कट के अलावा बिजली की कटौती बड़े पैमाने पर की जा रही है।
क्षेत्र के व्यासपुर, सुहागपुर, अरनिया, सलैहड़, नंदपुर रिसीविंग स्टेशन में बिजली की किल्लत लगातार बनी हुई है। पिछले एक सप्ताह से बिजली की कटौती में इजाफा हुआ है। ज्यादातर रिसीविंग स्टेशन के तहत एक घंटा बिजली आ रही है और एक घंटा बंद हो रही है। कुछ रिसिविंग स्टेशन से 1 घंटे के बाद आधे घंटे का कट लगाया जा रहा है। रिसीविंग स्टेशन के शेड्यूल कट के अलावा 33 केवी लाइन के कट भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की मनमानी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
अरनिया प्राइमरी हेल्थ सेंटर में बिजली कटौती से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एसी की सुविधा नहीं है। ज्यादातर कूलर और पंखों के सहारे गर्मी में मरीज रहते हैं। बिजली कटौती से अस्पताल में एक्स-रे, ईसीजी की सुविधा भी प्रभावित हो रही है।
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पिछले कुछ दिनों से बिजली कटौती में बढ़ोतरी हो गई है। दिन के समय बिजली कटौती ज्यादा परेशान कर रही है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के चलते बिजली कटौती पर अंकुश लगना चाहिए।
डॉ. रघुवीर सिंह निवासी चंगिया
आधे घंटे बिजली आ रही है और एक घंटा बंद रह रही है। लोगों को घर छोड़कर बाहर पेड़ की छांव में बैठना पड़ रहा है। वहीं रात के लंबे कट से लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो रही है। बिजली विभाग को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
तरसेम लाल, निवासी ब्यासपुर परलाह
दिन को लोग दुकानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। रात के समय बिजली कटौती का नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। रात 12 बजे तक बिजली के लंबे कट लगाए जा रहे हैं। लोगों को बिल के अनुसार बिजली मुहैया नहीं की जा रही है।
दीपक थापा, दुकानदार
बिजली कटौती से लोगों की धान की फसल की रोपाई नहीं हो पाएगी। पंपसेट के जरिए सिंचाई क्षेत्र के लोगों के लिए एकमात्र विकल्प है। लिहाजा बिजली विभाग को सीमावर्ती क्षेत्र का ध्यान करना चाहिए।
राजकुमार, पूर्व सरपंच
गर्मी में बढ़ोतरी के चलते रिसीविंग स्टेशनों पर लोड बढ़ गया है। इसके चलते बिजली कटौती में बढ़ोतरी की गई है। जब तक बारिश नहीं होती है, तब तक कटौती से लोगों को जूझना पड़ेगा।
जोगिंदर सिंह, एईई
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सीमावर्ती क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीणों में हाहाकार मचा हुआ है। नतीजतन लोग बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। बिजली के शेड्यूल कट के अलावा बिजली की कटौती बड़े पैमाने पर की जा रही है।
क्षेत्र के व्यासपुर, सुहागपुर, अरनिया, सलैहड़, नंदपुर रिसीविंग स्टेशन में बिजली की किल्लत लगातार बनी हुई है। पिछले एक सप्ताह से बिजली की कटौती में इजाफा हुआ है। ज्यादातर रिसीविंग स्टेशन के तहत एक घंटा बिजली आ रही है और एक घंटा बंद हो रही है। कुछ रिसिविंग स्टेशन से 1 घंटे के बाद आधे घंटे का कट लगाया जा रहा है। रिसीविंग स्टेशन के शेड्यूल कट के अलावा 33 केवी लाइन के कट भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की मनमानी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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अरनिया प्राइमरी हेल्थ सेंटर में बिजली कटौती से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एसी की सुविधा नहीं है। ज्यादातर कूलर और पंखों के सहारे गर्मी में मरीज रहते हैं। बिजली कटौती से अस्पताल में एक्स-रे, ईसीजी की सुविधा भी प्रभावित हो रही है।
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पिछले कुछ दिनों से बिजली कटौती में बढ़ोतरी हो गई है। दिन के समय बिजली कटौती ज्यादा परेशान कर रही है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के चलते बिजली कटौती पर अंकुश लगना चाहिए।
डॉ. रघुवीर सिंह निवासी चंगिया
आधे घंटे बिजली आ रही है और एक घंटा बंद रह रही है। लोगों को घर छोड़कर बाहर पेड़ की छांव में बैठना पड़ रहा है। वहीं रात के लंबे कट से लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो रही है। बिजली विभाग को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
तरसेम लाल, निवासी ब्यासपुर परलाह
दिन को लोग दुकानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। रात के समय बिजली कटौती का नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। रात 12 बजे तक बिजली के लंबे कट लगाए जा रहे हैं। लोगों को बिल के अनुसार बिजली मुहैया नहीं की जा रही है।
दीपक थापा, दुकानदार
बिजली कटौती से लोगों की धान की फसल की रोपाई नहीं हो पाएगी। पंपसेट के जरिए सिंचाई क्षेत्र के लोगों के लिए एकमात्र विकल्प है। लिहाजा बिजली विभाग को सीमावर्ती क्षेत्र का ध्यान करना चाहिए।
राजकुमार, पूर्व सरपंच
गर्मी में बढ़ोतरी के चलते रिसीविंग स्टेशनों पर लोड बढ़ गया है। इसके चलते बिजली कटौती में बढ़ोतरी की गई है। जब तक बारिश नहीं होती है, तब तक कटौती से लोगों को जूझना पड़ेगा।
जोगिंदर सिंह, एईई