घाटी में आतंकी हमलों के बावजूद चुनाव का खुमार
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लगातार आतंकी हमलों के बाद भी कश्मीर में राजनीतिक पार्टियों और लोगों पर चुनाव का खुमार चढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमवार को कश्मीर आगमन पर घाटी के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा है।
ऐसे में पार्टियों ने शनिवार को भी अपना चुनाव प्रचार जारी रखा। चुनाव को लेकर आयोजित होने वाली सभाओं और बैठकों पर कोई असर नहीं पड़ा और लोगों ने लोकतंत्र का हिस्सा बनने के लिए इन सभाओं और बैठकों में हिस्सा लिया।
शनिवार की सुबह होते ही कश्मीर घाटी में चुनावी रैलियां और सभाएं आयोजित होने लगीं। शाम ढलने तक लगभग एक दर्जन रैलियां और जनसभाएं हुईं। इनमें लोगों ने जमकर हिस्सा लिया। पुलवामा, बारामुला और बड़गाम की 16 विधानसभा सीटों के होने वाले चुनाव को लेकर मुख्य पार्टियों, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस की तरफ से रैलियां आयोजित की गईं।
उमर, मुफ्ती और शाहनवाज हुसैन ने किया चुनाव प्रचार
यही नहीं निर्दल उम्मीदवारों ने भी अपना डोर टू डोर प्रचार किया। शुक्रवार को कश्मीर संभाग के अलग-अलग स्थानों पर चार आतंकी हमले हुए थे। इसे लेकर दहशत मच गई थी। माना जा रहा था कि इसका असर आम लोगों पर पड़ेगा, लेकिन लोगों ने जिस तरह से सभाओं और रैलियों में हिस्सा लिया।
इससे साफ है कि तीसरे चरण के चुनाव में भी रिकार्डतोड़ मतदान होगा। शनिवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने चुनाव प्रचार के लिए साउथ कश्मीर में सभाएं की। भाजपा के शाहनवाज हुसैन ने कश्मीर के तराल में चुनावी जनसभा की।
यहां शुक्रवार को आतंकवादी हमला किया। पीडीपी सांसद तारिक हामिद ने भी सोनावर में प्रचार किया। शुक्रवार को कश्मीर के उड़ी, तराल, शौपियां में आतंकी हमले किए थे। इसमें 11 सुरक्षाकर्मियों और 8 आतंकियों सहित 21 लोग मारे गए।