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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव 24 अप्रैल को

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जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव का बिगुल बज चुका है। 24 अप्रैल को चुनाव होगा। मतदाताओं की सूची बनाने का काम जारी है। जल्द ही सूचियां भी तैयार हो जाएंगी। कुछ दिन पहले ही चुनाव कमेटी ने मतदान कराने के लिए रिटर्निंग अफसर की नियुक्ति की थी। एडवोकेट सुरिंदर सिंह रिटर्निंग अधिकारी बनाए गए हैं।
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सिंह ने बताया कि एक अप्रैल को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। एक से 10 अप्रैल तक नामांकन भरे जाएंगे। 15 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। 24 अप्रैल को मतदान होगा। मतदान का समय अभी तय होगा और कुछ बदलाव भी संभव हो सकते हैं। फिलहाल मतदाताओं की सूचियां बनाई जा रही हैं। कुछ सदस्यों की फीस बची हुई है, जो अभी जमा होनी है।
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एक साल देरी से हो रहा चुनाव
बार एसोसिएशन का चुनाव मई, 2020 में होना था, लेकिन कोविड-19 की बंदिशों के चलते इसको रोक लिया गया। इसके बाद लॉकडाउन और फिर कई सारी पाबंदियां लग गईं, इसकी वजह से चुनाव नहीं हो पा रहा था। अब भी मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कराने की योजना थी, लेकिन कुछ दिक्कतों की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।
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अधिसूचना के बाद खुलेंगे पत्ते
कई सदस्य चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन कौन-कौन मैदान में उतरेगा, इसके पत्ते चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ही खुलेंगे। चुनाव लड़ने का सोच रहे कुछ सदस्यों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही अधिसूचना जारी होगी, इसके बाद ही बताएंगे।

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चुनाव में कई बंदिशें, सदस्य नाखुश
प्रधान के लिए 30 साल की वकालत, उप प्रधान के लिए 20 साल रखे
जम्मू। बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर तय की गई कुछ बंदिशें बार के सदस्यों को रास नहीं आ रहीं। सदस्य इससे नाखुश हैं। इसे लेकर कुछ सदस्यों ने बैठक भी की और इसका विरोध भी किया। बताया जा रहा है कि बार के प्रेसिडियम ने एक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि प्रधान पद का चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 30 साल की वकालत का अनुभव होना जरूरी है। इसी तरह उपप्रधान के लिए 25 और महा सचिव के 20 साल का अनुभव चाहिए। इस नोटिस से सदस्य नाखुश हैं। पूर्व प्रधान अभिनव शर्मा का कहना है कि यह आदेश कुछ रास नहीं आ रहा। पहली बात तो यह है कि इस तरह का संशोधन जनरल हाउस की बैठक में किया जाता है, जबकि बार प्रेसिडियम ऐसा नहीं कर सकता। दूसरी बात कि जब आज तक ऐसा नहीं हुआ तो अब ऐसा क्यों किया गया है। बार के कई सदस्य इसका विरोध कर रहे हैं।
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