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EXCLUSIVE: आतंक की पाठशाला में हर महीने होते हैं आठ से दस नए दाखिले

Thu, 05 Oct 2017 11:45 PM IST
अजय मीनिया,अमर उजाला/जम्मू
अजय मीनिया,अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 05 Oct 2017 11:45 PM IST
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eight bto ten new boys join the terrorist group in jammu and kashmir
- फोटो : DEMO PHOTO

कश्मीर घाटी में लगातार आतंकियों को ढेर करने के बावजूद इनकी संख्या में कमी नहीं आ रही। हर महीने आठ से दस नए आतंकी विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़ रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के पास भी इसके इनपुट हैं। वर्तमान में कश्मीर में 250 के करीब आतंकी सक्रिय हैं।  

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खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार हर महीने आठ   से दस नए आतंकी संगठनों से जुड़ रहे हैं। फिर वो चाहे पाकिस्तान के हों या फिर कश्मीर के। लश्कर-ए-तैइबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद तीनों ही संगठनों में नए आतंकी शामिल हो रहे हैं। इनको पीओके के कोटली, लाहौर के एबटाबाद में ट्रेनिंग दी जा रही है।
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पाकिस्तानी सैनिकों की बटालियनों तक में यह आतंकी ट्रेनिंग ले रहे हैं। भर्ती होने के बाद यह आतंकी सीधे कश्मीर में घुस रहे हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। इस साल अब तक 150 से अधिक आतंकी मारे गए हैं, इसके बावजूद 250 आतंकी घाटी में सक्रिय हैं। घाटी में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं।
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घुसपैठ के प्रयास भी हो रहे। यही कारण है कि आतंक के स्कूल में नए दाखिलों में कमी नहीं आ रही। घाटी में दिसंबर से बर्फ गिरनी शुरू हो जाएगी। इसके पहले अधिक से अधिक आतंकी घुसपैठ करना चाहते हैं।  

अंधेरे का लाभ उठाते हैं आतंकी

आतंकी हमले और घुसपैठ करने के लिए अंधेरे का लाभ उठा रहे हैं। नगरोटा, उड़ी और पठानकोट में हुए आतंकी हमलों में एक बात सामान्य थी। इन तीनों ही जगहों के आसपास जंगल थे, जहां घना अंधेरा था।

यहां कोई आता जाता नहीं, चाहे गर्मी हो या सर्दी। आतंकियों को इन जगहों पर पहुंचाने वाले गाइड भी इसी का लाभ उठाकर इनको यहां तक छोड़ गए। 

आतंकियों पर आईएसआई का दबाव

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी आतंकी हमले जारी रहेंगे, क्योंकि आतंकियों पर पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई का दबाव है। इनको सर्दी से पहले हर हाल में हमले करने और घुसपैठ करने के लिए कहा जा रहा है। इसके लिए इनके परिवारों को टार्चर भी किया जा रहा है। 

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