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अगली पीढ़ी की चिकित्सा में दुनिया की अगुवाई कर सकता है भारत : डाॅ. जितेंद्र
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- एआई से इलाज के नए रास्ते खुल रहे लेकिन डॉक्टर की समझ और अनुभव की जगह नहीं ले सकती तकनीक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत चिकित्सा के क्षेत्र में अगली पीढ़ी की तकनीक और इलाज में दुनिया की अगुवाई करने की दिशा में बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि एआई, जीनोमिक्स, क्वांटम तकनीक और दूसरी नई तकनीकों से इलाज और जांच के नए रास्ते खुल रहे हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल डॉक्टर की समझ और अनुभव के साथ होना चाहिए। तकनीक को मरीज के इलाज में डॉक्टर के फैसले का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।
इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेज अकादमी (आईएमएसए) के जम्मू-कश्मीर चैप्टर की ओर से आयोजित पहले आरोग्य शिखर सम्मान समारोह में जितेंद्र सिंह ने कहा कि एआई कई तरह की जांच और इलाज में मददगार साबित हो रहा है। इससे कल्चर जांच में लगने वाला समय कम करने और जीन सीक्वेंसिंग जैसे कामों में तेजी आ रही है।
हालांकि अनावश्यक जांच लिखने और इलाज में तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने से बचना होगा। जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब वैक्सीन, जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, न्यूक्लियर मेडिसिन, नैनो मेडिसिन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सरकारी और निजी संस्थानों से भी इन क्षेत्रों में काम बढ़ाने और शोध के प्रस्ताव भेजने की अपील की। समारोह में जीएमसी जम्मू के पूर्व प्रिंसिपल राजेंद्र सिंह, एआईआईएमएस पटना की पूर्व गवर्निंग बॉडी सदस्य और जीएमसी जम्मू की पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष इंदु कौल खोडा समेत जीएमसी जम्मू के पूर्व विभागाध्यक्षों को सम्मानित किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत चिकित्सा के क्षेत्र में अगली पीढ़ी की तकनीक और इलाज में दुनिया की अगुवाई करने की दिशा में बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि एआई, जीनोमिक्स, क्वांटम तकनीक और दूसरी नई तकनीकों से इलाज और जांच के नए रास्ते खुल रहे हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल डॉक्टर की समझ और अनुभव के साथ होना चाहिए। तकनीक को मरीज के इलाज में डॉक्टर के फैसले का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।
इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेज अकादमी (आईएमएसए) के जम्मू-कश्मीर चैप्टर की ओर से आयोजित पहले आरोग्य शिखर सम्मान समारोह में जितेंद्र सिंह ने कहा कि एआई कई तरह की जांच और इलाज में मददगार साबित हो रहा है। इससे कल्चर जांच में लगने वाला समय कम करने और जीन सीक्वेंसिंग जैसे कामों में तेजी आ रही है।
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हालांकि अनावश्यक जांच लिखने और इलाज में तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने से बचना होगा। जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब वैक्सीन, जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, न्यूक्लियर मेडिसिन, नैनो मेडिसिन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सरकारी और निजी संस्थानों से भी इन क्षेत्रों में काम बढ़ाने और शोध के प्रस्ताव भेजने की अपील की। समारोह में जीएमसी जम्मू के पूर्व प्रिंसिपल राजेंद्र सिंह, एआईआईएमएस पटना की पूर्व गवर्निंग बॉडी सदस्य और जीएमसी जम्मू की पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष इंदु कौल खोडा समेत जीएमसी जम्मू के पूर्व विभागाध्यक्षों को सम्मानित किया गया।