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Jammu News: पढ़ाई जरूरी, लेकिन जिंदगी सिर्फ किताबों तक नहीं
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- गोल्ड मेडल पाने वाले छात्रों ने साझा की अपनी सीख, हर गतिविधि में हिस्सा लेने की दी सलाह
- किसी ने खेल और संगीत को दिया समय, किसी ने मानसिक सेहत का ख्याल रखने को बताया जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मेहनत जरूरी है लेकिन आईआईटी जम्मू के इन गोल्ड मेडल विजेता छात्रों का मानना है कि कॉलेज की जिंदगी सिर्फ किताबों और अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पढ़ाई के साथ खेल और संगीत जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेना, मानसिक सेहत का ख्याल रखना, नई चीजें आजमाना और गलतियों से सीखते रहना भी जरूरी है। छात्रों ने बातचीत में अपनी पढ़ाई और कॉलेज के अनुभवों के आधार पर यह सीख साझा की।
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जो काम करें, पूरे मन से करें
दरभंगा के विवेक कुमार को मैटेरियल एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल मिला है। वह फिलहाल रिलायंस में काम कर रहे हैं। विवेक कहते हैं कि जिंदगी के हर पल का आनंद लेना चाहिए। जो भी काम करें, उस पर पूरा ध्यान दें। सिर्फ जीत के पीछे भागने के बजाय कोशिश यह होनी चाहिए कि जो काम हाथ में लिया है, उसे पूरी मेहनत से किया जाए।
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पढ़ाई के साथ अपनी पसंद की चीजों को भी समय दें
बांदीपोरा के शम्स उल हक को स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल मिला है। वह जम्मू-कश्मीर सरकार के जल शक्ति विभाग में जूनियर इंजीनियर हैं। शम्स ने पढ़ाई के साथ संगीत और क्रिकेट क्लब में हिस्सा लिया और पूल भी खेला। उनका कहना है कि छात्रों को कॉलेज की दूसरी गतिविधियों में भी हिस्सा लेना चाहिए। इससे पढ़ाई के अलावा दूसरी चीजें सीखने और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने का मौका मिलता है।
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अपने मन का भी ख्याल रखें
कुलगाम के शेख आबिद निसार ने एमएससी केमिस्ट्री में इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल हासिल किया है। वह अब पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं। आबिद कहते हैं कि पढ़ाई के साथ मानसिक सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है। छात्रों को पढ़ाई के बीच घूमने-फिरने और संस्थान की दूसरी गतिविधियों के लिए भी समय निकालना चाहिए।
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नई चीजें आजमाते रहें, गलतियों से सीखें
झारखंड के डाल्टनगंज के आयुष राज को केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक के लिए गोल्ड मेडल मिला है। वह फिलहाल रिलायंस कंपनी में काम कर रहे हैं। आयुष कहते हैं कि जितना हो सके नई चीजें आजमाते रहें और खुद को किसी सीमा में न बांधें। गलती हो तो उससे सीखें और हार मानकर रुकें नहीं। कॉलेज में पढ़ाई के साथ दूसरी गतिविधियों में भी खुद को आजमाते रहें।
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- किसी ने खेल और संगीत को दिया समय, किसी ने मानसिक सेहत का ख्याल रखने को बताया जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मेहनत जरूरी है लेकिन आईआईटी जम्मू के इन गोल्ड मेडल विजेता छात्रों का मानना है कि कॉलेज की जिंदगी सिर्फ किताबों और अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पढ़ाई के साथ खेल और संगीत जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेना, मानसिक सेहत का ख्याल रखना, नई चीजें आजमाना और गलतियों से सीखते रहना भी जरूरी है। छात्रों ने बातचीत में अपनी पढ़ाई और कॉलेज के अनुभवों के आधार पर यह सीख साझा की।
जो काम करें, पूरे मन से करें
दरभंगा के विवेक कुमार को मैटेरियल एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल मिला है। वह फिलहाल रिलायंस में काम कर रहे हैं। विवेक कहते हैं कि जिंदगी के हर पल का आनंद लेना चाहिए। जो भी काम करें, उस पर पूरा ध्यान दें। सिर्फ जीत के पीछे भागने के बजाय कोशिश यह होनी चाहिए कि जो काम हाथ में लिया है, उसे पूरी मेहनत से किया जाए।
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पढ़ाई के साथ अपनी पसंद की चीजों को भी समय दें
बांदीपोरा के शम्स उल हक को स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल मिला है। वह जम्मू-कश्मीर सरकार के जल शक्ति विभाग में जूनियर इंजीनियर हैं। शम्स ने पढ़ाई के साथ संगीत और क्रिकेट क्लब में हिस्सा लिया और पूल भी खेला। उनका कहना है कि छात्रों को कॉलेज की दूसरी गतिविधियों में भी हिस्सा लेना चाहिए। इससे पढ़ाई के अलावा दूसरी चीजें सीखने और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने का मौका मिलता है।
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अपने मन का भी ख्याल रखें
कुलगाम के शेख आबिद निसार ने एमएससी केमिस्ट्री में इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल हासिल किया है। वह अब पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं। आबिद कहते हैं कि पढ़ाई के साथ मानसिक सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है। छात्रों को पढ़ाई के बीच घूमने-फिरने और संस्थान की दूसरी गतिविधियों के लिए भी समय निकालना चाहिए।
नई चीजें आजमाते रहें, गलतियों से सीखें
झारखंड के डाल्टनगंज के आयुष राज को केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक के लिए गोल्ड मेडल मिला है। वह फिलहाल रिलायंस कंपनी में काम कर रहे हैं। आयुष कहते हैं कि जितना हो सके नई चीजें आजमाते रहें और खुद को किसी सीमा में न बांधें। गलती हो तो उससे सीखें और हार मानकर रुकें नहीं। कॉलेज में पढ़ाई के साथ दूसरी गतिविधियों में भी खुद को आजमाते रहें।