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Jammu News: एक आइडिया चुनें और जुट जाएं हकीकत में बदलने में
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-आईआईटी जम्मू दीक्षांत समारोह में डॉ. वेणुगोपाल बोले...डिग्री वही सार्थक है जो जिंदगी आसान बनाए और सामाजिक समस्या सुलझाए
- कहा सही समस्या चुनें, उस पर डटे रहें, पुरानी तकनीक पर सवाल उठाएं और काम आने वाली तकनीक बनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लोगों के काम आने वाला एक अच्छा आइडिया चुनो और उसे हकीकत में बदलने में जुट जाओ। सही समस्या का चुनाव करें, उस पर डटे रहें, पुरानी तकनीक पर सवाल उठाएं और ऐसी तकनीक विकसित करें जो समाज के काम आए। यह सफलता का मूल मंत्र महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के उपाध्यक्ष डॉ. शंकर एम वेणुगोपाल ने शनिवार को आईआईटी जम्मू के सातवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने कहा कि डिग्री के साथ मिले ज्ञान का असली इस्तेमाल तब है, जब उससे किसी की जिंदगी आसान हो और कोई सामाजिक समस्या हल हो।
डॉ. वेणुगोपाल ने कहा कि पढ़ाई के दौरान छात्रों के मन में कई नए आइडिया आते हैं। शुरुआत में कोई विचार छोटा या मुश्किल लग सकता है, लेकिन लगातार काम करने से उसे हकीकत में बदला जा सकता है। अगर कोई विचार असफल हो जाए या कोई और उसे अपना ले तो घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि एक आइडिया खत्म होने का मतलब यह नहीं कि आगे सोचना बंद कर दें, बल्कि लगातार सोचते रहने से नए रास्ते निकलते रहेंगे।
इलेक्ट्रिक वाहन का उदाहरण देते हुए डॉ. वेणुगोपाल ने कहा कि सिर्फ अच्छी इलेक्ट्रिक गाड़ी बना देना काफी नहीं है। उसके लिए चार्जिंग स्टेशन, बिजली, सड़क और दूसरी सुविधाएं भी जरूरी हैं। इसलिए किसी नए विचार पर काम करते समय उसके लिए जरूरी पूरे माहौल को भी समझना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नई चीज बनाने के लिए पुरानी सोच को चुनौती देना जरूरी है। जो चीज लंबे समय से जैसी चल रही है, उसे वैसे ही सही मानने के बजाय यह सोचना चाहिए कि और बेहतर कैसे बना सकते हैं।
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खुद की कहानी से समझाया डिया का सफर
डॉ. वेणुगोपाल ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू में कांच और क्रिस्टल के गुणों को मिलाकर ग्लास नैनो कंपोजिट बनाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट थीसिस अवॉर्ड मिला। बाद में जनरल इलेक्ट्रिक में काम करते हुए उन्होंने विचारों को आविष्कार, पेटेंट और उपयोगी उत्पाद में बदलना सीखा। उनका मूल मंत्र है कि किसी भी आविष्कार की असली सफलता तभी है जब वह लोगों की समस्याओं को सुलझाने के काम आए।
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इन 6 मंत्रों से आगे बढ़ाएं आइडिया
- सही समस्या चुनें। ऐसी समस्या पर काम करें जिसे हल करने की सच में इच्छा हो।
- एक काम पर टिके रहें। लक्ष्य तय करने के बाद उसी पर लगातार मेहनत करें।
- पुरानी सोच को चुनौती दें। जो चीज जैसी चल रही है, उसे बेहतर बनाने के नए रास्ते तलाशें।
- सही समय समझें। कोई विचार तभी तेजी से आगे बढ़ता है, जब लोग और माहौल उसे अपनाने के लिए तैयार हों।
- लोगों की जरूरत समझें। ऐसी तकनीक बनाएं जिसकी समाज को सच में जरूरत हो।
- आइडिया को जमीन पर उतारें। उसे सिर्फ दिमाग या कागज तक सीमित न रखें। ऐसी चीज बनाएं जो लोगों के काम आए।
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- कहा सही समस्या चुनें, उस पर डटे रहें, पुरानी तकनीक पर सवाल उठाएं और काम आने वाली तकनीक बनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लोगों के काम आने वाला एक अच्छा आइडिया चुनो और उसे हकीकत में बदलने में जुट जाओ। सही समस्या का चुनाव करें, उस पर डटे रहें, पुरानी तकनीक पर सवाल उठाएं और ऐसी तकनीक विकसित करें जो समाज के काम आए। यह सफलता का मूल मंत्र महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के उपाध्यक्ष डॉ. शंकर एम वेणुगोपाल ने शनिवार को आईआईटी जम्मू के सातवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने कहा कि डिग्री के साथ मिले ज्ञान का असली इस्तेमाल तब है, जब उससे किसी की जिंदगी आसान हो और कोई सामाजिक समस्या हल हो।
डॉ. वेणुगोपाल ने कहा कि पढ़ाई के दौरान छात्रों के मन में कई नए आइडिया आते हैं। शुरुआत में कोई विचार छोटा या मुश्किल लग सकता है, लेकिन लगातार काम करने से उसे हकीकत में बदला जा सकता है। अगर कोई विचार असफल हो जाए या कोई और उसे अपना ले तो घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि एक आइडिया खत्म होने का मतलब यह नहीं कि आगे सोचना बंद कर दें, बल्कि लगातार सोचते रहने से नए रास्ते निकलते रहेंगे।
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इलेक्ट्रिक वाहन का उदाहरण देते हुए डॉ. वेणुगोपाल ने कहा कि सिर्फ अच्छी इलेक्ट्रिक गाड़ी बना देना काफी नहीं है। उसके लिए चार्जिंग स्टेशन, बिजली, सड़क और दूसरी सुविधाएं भी जरूरी हैं। इसलिए किसी नए विचार पर काम करते समय उसके लिए जरूरी पूरे माहौल को भी समझना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नई चीज बनाने के लिए पुरानी सोच को चुनौती देना जरूरी है। जो चीज लंबे समय से जैसी चल रही है, उसे वैसे ही सही मानने के बजाय यह सोचना चाहिए कि और बेहतर कैसे बना सकते हैं।
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खुद की कहानी से समझाया डिया का सफर
डॉ. वेणुगोपाल ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू में कांच और क्रिस्टल के गुणों को मिलाकर ग्लास नैनो कंपोजिट बनाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट थीसिस अवॉर्ड मिला। बाद में जनरल इलेक्ट्रिक में काम करते हुए उन्होंने विचारों को आविष्कार, पेटेंट और उपयोगी उत्पाद में बदलना सीखा। उनका मूल मंत्र है कि किसी भी आविष्कार की असली सफलता तभी है जब वह लोगों की समस्याओं को सुलझाने के काम आए।
इन 6 मंत्रों से आगे बढ़ाएं आइडिया
- सही समस्या चुनें। ऐसी समस्या पर काम करें जिसे हल करने की सच में इच्छा हो।
- एक काम पर टिके रहें। लक्ष्य तय करने के बाद उसी पर लगातार मेहनत करें।
- पुरानी सोच को चुनौती दें। जो चीज जैसी चल रही है, उसे बेहतर बनाने के नए रास्ते तलाशें।
- सही समय समझें। कोई विचार तभी तेजी से आगे बढ़ता है, जब लोग और माहौल उसे अपनाने के लिए तैयार हों।
- लोगों की जरूरत समझें। ऐसी तकनीक बनाएं जिसकी समाज को सच में जरूरत हो।
- आइडिया को जमीन पर उतारें। उसे सिर्फ दिमाग या कागज तक सीमित न रखें। ऐसी चीज बनाएं जो लोगों के काम आए।