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Jammu News: इस सत्र से छात्रों को मिलेगा एचपीसी, कौशल उत्कृष्टता का भी होगा आकलन
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फंड की कमी से बीते सत्र में एचपीसी का पर्याप्त कार्यान्वयन नहीं हो पाया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में बच्चों को 2024-25 के शैक्षणिक सत्र से हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) मिलेगा। नई शिक्षा नीति के तहत इस पहल को शुरू किया गया है। एचपीसी बच्चों को मिलने वाले अंक पत्र का स्थान लेगा। इससे छात्रों के बीच दशकों से सफलता का पैमाना मानी जाने वाली शैक्षणिक उत्कृष्टता की परिभाषा भी बदल जाएगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सामाजिक-भावनात्मक विकास, रचनात्मकता और व्यावसायिक दक्षता का आकलन होगा।
नई शिक्षा नीति के तहत 2023-24 सत्र से राज्य शैक्षणिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने मूल्यांकन और मूल्यांकन योजना (एसएइएस) लागू की थी। हालांकि पर्याप्त कार्ययोजना और फंड की कमी से इसके महत्वपूर्ण घटक हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड पहल शुरू नहीं हुई। हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड स्कूली बच्चों को दिए जाने थे, लेकिन फंड की कमी के चलते बच्चों को नहीं मिले। अब नए सत्र से इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग एचपीसी कार्ड की छपाई और वितरण की जिम्मेवारी समग्र शिक्षा को देने की तैयारी है। एचपीसी फाउंडेशन स्तर से 12वीं कक्षा लागू किया जाएगा। हालांकि कक्षा नौवीं से 12वीं तक एचपीसी को लागू करने का फैसला एनसीईआरटी ने अभी तक नहीं लिया है। ऐसे में पहले फाउंडेशन स्टेज से आठवीं कक्षा तक एचपीसी को लागू किया जाएगा। एससीईआरटी के एक अधिकारी ने कहा कि आठवीं कक्षा तक इस सत्र से एचपीसी की अनिवार्यता है। इसको लेकर स्कूल प्रमुखों को प्रशिक्षण दिया गया था की कैसे बच्चों को मूल्यांकन किया जाना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में बच्चों को 2024-25 के शैक्षणिक सत्र से हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) मिलेगा। नई शिक्षा नीति के तहत इस पहल को शुरू किया गया है। एचपीसी बच्चों को मिलने वाले अंक पत्र का स्थान लेगा। इससे छात्रों के बीच दशकों से सफलता का पैमाना मानी जाने वाली शैक्षणिक उत्कृष्टता की परिभाषा भी बदल जाएगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सामाजिक-भावनात्मक विकास, रचनात्मकता और व्यावसायिक दक्षता का आकलन होगा।
नई शिक्षा नीति के तहत 2023-24 सत्र से राज्य शैक्षणिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने मूल्यांकन और मूल्यांकन योजना (एसएइएस) लागू की थी। हालांकि पर्याप्त कार्ययोजना और फंड की कमी से इसके महत्वपूर्ण घटक हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड पहल शुरू नहीं हुई। हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड स्कूली बच्चों को दिए जाने थे, लेकिन फंड की कमी के चलते बच्चों को नहीं मिले। अब नए सत्र से इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग एचपीसी कार्ड की छपाई और वितरण की जिम्मेवारी समग्र शिक्षा को देने की तैयारी है। एचपीसी फाउंडेशन स्तर से 12वीं कक्षा लागू किया जाएगा। हालांकि कक्षा नौवीं से 12वीं तक एचपीसी को लागू करने का फैसला एनसीईआरटी ने अभी तक नहीं लिया है। ऐसे में पहले फाउंडेशन स्टेज से आठवीं कक्षा तक एचपीसी को लागू किया जाएगा। एससीईआरटी के एक अधिकारी ने कहा कि आठवीं कक्षा तक इस सत्र से एचपीसी की अनिवार्यता है। इसको लेकर स्कूल प्रमुखों को प्रशिक्षण दिया गया था की कैसे बच्चों को मूल्यांकन किया जाना है।
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