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सीमांत स्कूलों में पढ़ाई पर अनिश्चितता के बादल
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 12 Oct 2014 10:12 PM IST
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पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलाबारी से सीमांत इलाकों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सुरक्षित स्थानों के कई स्कूलों में राहत शिविर बनाये जाने से भी विद्यार्थियों की शिक्षा पर असर पड़ा है। यह सिलसिला कब तक चलेगा, इस पर अनिश्चितता के बादल छाये हुए हैं।
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अखनूर के परगवाल सेक्टर के अंतर्गत आने वाले करीब 35 स्कूल गोलाबारी के चलते अस्थायी तौर पर बंद हो गए हैं। इसी तरह आरएस पुरा, अरनिया, सांबा के सीमांत इलाकों में भी 70 से ज्यादा स्कूल बंद हो गए हैं। वहीं सीमांत इलाकों से पलायन करने वाले सुरक्षित स्थानो के स्कूलों में बनाए राहत कैंप में आश्रय ले रहे हैं।
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इस वजह से भी शिक्षा प्रभावित हो रही है। जम्मू जिले 16 राहत शिविर चल रहे हैं। इनमें एचएसएस चकरोई, एचएसएस दबलैहड़, एचएस पिंडी, एचएस हरीपुर, एचएस रंगपुर, मलानिया, सत्संग दीवान गढ़, एचएसएस आरएस पुरा, आईटीआई आरएस पुरा, रेहाल, एचएसएस सलैहड़, एचएसएस दियोली, अरनिया में गोल्डन पैलेस दियोली, बिश्नाह, हाई स्कूल राजपुरा, गुप्ता फार्म अखनूर और एसएसएस परगवाल, एचएसएस दोमाना शामिल है।
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इनमें अधिकतर स्कूल हैं। गोलाबारी से पहले बाढ़ की वजह से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। स्कूली शिक्षा निदेशक जम्मू एचआर पखरू का कहना है कि प्रशासन की तरफ से विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए इस संदर्भ में फैसला लिया जा रहा है।