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Jammu News: आर्थिक कमजोर वर्ग को 30 दिन में मिलेगा प्रमाणपत्र
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अब आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्र से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ कटान की अनुमति 30 दिन में मिलेगी। प्रदेश सरकार ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम (पीएसजीए) 2011 की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह बदलाव किए हैं।
सरकार ने समयसीमा को बदलने के साथ ही नामित अधिकारियों की तैनाती की है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्र के लिए सहायक आयुक्त (राहत) को नामित अधिकारी तैनात किया गया है। जबकि ऐसे मामले में उपायुक्त राहत (डीसीआर) और राहत पुनर्वास आयुक्त के पास अपील दर्ज की जा सकेगी। आरबीए प्रमाणपत्र और निवास प्रयोजन प्रमाणपत्र के लिए सहायक आयुक्त राहत नामित अधिकारी होंगे। इनमें से आरबीए प्रमाणपत्र 30 दिन और निवास प्रयोजन प्रमाणपत्र 10 दिन में उपलब्ध करवाना होगा। आरबीए में उपायुक्त राहत नामित अधिकारी बनाए गए हैं जबकि मामले की आगामी अपील राहत पुनर्वास आयुक्त के पास की जा सकेगी। प्रदेश सरकार ने पेड़ कटान के मामले में 30 दिन की अवधि तय की है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेड़ कटान के लिए 30 दिन में मंजूरी देनी होगी। इस संबंध में संबंधित जिलों के उपायुक्त के पास मामलों को लेकर अपील दायर की जा सकेगी।
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जम्मू। अब आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्र से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ कटान की अनुमति 30 दिन में मिलेगी। प्रदेश सरकार ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम (पीएसजीए) 2011 की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह बदलाव किए हैं।
सरकार ने समयसीमा को बदलने के साथ ही नामित अधिकारियों की तैनाती की है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्र के लिए सहायक आयुक्त (राहत) को नामित अधिकारी तैनात किया गया है। जबकि ऐसे मामले में उपायुक्त राहत (डीसीआर) और राहत पुनर्वास आयुक्त के पास अपील दर्ज की जा सकेगी। आरबीए प्रमाणपत्र और निवास प्रयोजन प्रमाणपत्र के लिए सहायक आयुक्त राहत नामित अधिकारी होंगे। इनमें से आरबीए प्रमाणपत्र 30 दिन और निवास प्रयोजन प्रमाणपत्र 10 दिन में उपलब्ध करवाना होगा। आरबीए में उपायुक्त राहत नामित अधिकारी बनाए गए हैं जबकि मामले की आगामी अपील राहत पुनर्वास आयुक्त के पास की जा सकेगी। प्रदेश सरकार ने पेड़ कटान के मामले में 30 दिन की अवधि तय की है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेड़ कटान के लिए 30 दिन में मंजूरी देनी होगी। इस संबंध में संबंधित जिलों के उपायुक्त के पास मामलों को लेकर अपील दायर की जा सकेगी।
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