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ड्रग्स के दलदल में जम्मू कश्मीर के युवा

Sun, 26 Oct 2014 11:59 AM IST
Updated Sun, 26 Oct 2014 11:59 AM IST
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drugs trade spread in jammu and kashmir

शराब और सिगरेट के बाद अब हीरोइन और ब्राउन शूगर ने जगह ले ली है। युवा इस नशे की दलदल में तेजी से धंसते जा रहे हैं। इसमें निडिल और सूंघने के जरिये ड्रग्स को शरीर के भीतर डालने का चलन बढ़ा है। इसकी चपेट में युवकों के साथ युवतियां भी शामिल हैं। शहर और आसपास के पॉश इलाकों के बच्चे ज्यादा प्रभावित हैं। नशे की लत ने उन्हें अपराध की ओर भी धकेला है। ड्रग्स पाने के लिए नशा करने वाले कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।

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हीरोइन और ब्राउन शूगर को सामूहिक तौर पर निडिल और ड्रग्स को जलाकर सूंघने के माध्यम से ज्यादा लिया जा रहा है। पानी में मिलाकर ड्रग्स को निडिल से नाड़ियों के जरिये शरीर में डाल दिया जाता है, जिससे शारीरिक गतिविधियां सुस्त पड़ जाती हैं और नशा करने वाले को आसपास के वातावरण की कोई परवाह नहीं रहती है। निडिल ड्रग्स से एचआईवी का खतरा बढ़ा है।
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इस ड्रग्स की चपेट में 16-25 साल के युवा ज्यादा चपेट में हैं। पहले ये ड्रग्स 3-4 हजार रुपये की कीमत में रोजाना ली जाती है, लेकिन धीरे-धीरे डोज बढ़ने पर इसकी कीमत माह में एक लाख रुपये से ज्यादा पहुंच जाती है। ड्रग्स का आदि हो जाने पर उसे छोड़ने की सूरत में नशा करने वाले की शारीरिक और मानसिक हालत खराब हो जाती है। अमूमन ऐसे लोगों के फेफड़ों में की इंफेक्शन रहती है। डोज न लेने पर शरीर में जबरदस्त दर्द, शरीर का टूटना, नाक और मुंह से पानी चलना, कमजोरी महसूस करना आदि समस्या होती है।
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ओएसटी में पीड़ितों की संख्या बढ़ी

drugs trade spread in jammu and kashmir

साइक्रेटरी अस्पताल जम्मू के ओपियड सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में पहुंचने वाले निडिल ड्रग्स के पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। मौजूदा समय में ऐसे 80 पीड़ितों को थैरेपी दी जा रही है। मनोचिकित्सक डा. मनु अरोड़ा के अनुसार ओएसडी थैरेपी में पीड़ित को वैकल्पिक दवाइयां देकर धीरे धीरे डोज कम करके नशे की लत छुड़ाई जाती है। गंभीर मरीजों को 10-12 दिन प्राइमरी चिकित्सा में उसके खून में शामिल ड्रग्स को कम किया जाता है।

पंजाब बेल्ट से हो रहा अवैध धंधा


रियासत में अवैध ड्रग्स का धंधा पंजाब बेल्ट से पनप रहा है। इसमें सिरिंज के नशे को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। नशा करने वाले तक हीरोइन और ब्राउन शूगर की उपलब्धता आसानी से हो रही है। कुछ असामाजिक तत्व और सप्लायर युवाओं में ड्रग्स की लत लगाने का काम कर रहे हैं। इसमें पंजाब बेल्ट से रोजाना ऐसी ड्रग्स अवैध ढंग से राज्य में लाकर बेची जा रही है।

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