जम्मू: शहर को जल्द मिलेगा 500 बेड का अस्थायी अस्पताल, सांसद जुगल किशोर ने जांची व्यवस्था
सांसद जुगल ने अधिकारियों को 25 मई तक इस अस्पताल का काम पूरा करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
विस्तार
जम्मू शहर को जल्द ही डीआरडीओ का अस्पताल मिलने वाला है। सांसद जुगल किशोर शर्मा ने गुरुवार को डीसी अंशुल गर्ग के साथ मिलकर भगवती नगर में 500 बेड वाले निर्माणाधीन डीआरडीओ के अस्पताल स्थल का दौरा कर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उनके साथ पूर्व मंत्री सत शर्मा भी रहे।
सांसद ने डीसी व अन्य अधिकारियों से इस अस्पताल में बिजली, पानी और संचार की सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के लिए हो रहे कार्य की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए सरकार कोई कमी नहीं छोड़ रही है। उपलब्ध स्रोतों के माध्यम से मरीजों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि 40 कनाल भूमि पर अस्थायी अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 500 कोविड बेड होंगे। 125 बेडों में वेंटिलेटर और 375 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट वाले होंगे।
अस्पतालों में स्टाफ की किल्लत को दूर करने के लिए अनुबंध पर नियुक्तियां
अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों का लोड कम करने के लिए अस्थायी नियुक्तियां की जा रही हैं। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार अधिसूचना जारी कर चुकी है। वहीं स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में अपने स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
जीएमसी जम्मू में माइक्रोबायोलॉजिस्ट व लैब तकनीशियनों की कमी को दूर करने के लिए तीन महीने के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। माइक्रोबायोलॉजिस्ट के छह पदों पर नियुक्ति तीन महीने के अनुबंध के लिए की गई है। इन नियुक्तियों की समयावधि को छह महीने और बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है।
अनुबंध के आधार पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट को 50 हजार रुपये महीना वेतन मिलेगा। वहीं लैब तकनीशियनों के नौ पदों पर नियुक्ति की गई है। लैब तकनीशियनों को 30000 रुपये महीना वेतन दिया जाएगा। 10 पदों पर डाटा एंट्री ऑपरेटरों की भी नियुक्ति हुई है। इन्हें 10500 रुपये मासिक दिए जाएंगे। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने जीएमसी से रिटायर हुए वरिष्ठ डॉक्टरों को एक साल के लिए अपनी सेवाएं देने के लिए कहा है।