अरनिया। अब हम भी अपने मताधिकार से मनचाहा नुमाइंदा चुन सकेंगे। हमें कोई भी पाकिस्तानी नहीं कहेगा और न ही हमें राज्य की सरकारी नौकरियों से वंचित रहना पड़ेगा।
यह कहना है उन वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों का, जो कई दशक से इस उच्चारण का दंश झेल रहे थे। वेेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी ने बुधवार को अरनिया तहसील के अंतर्गत वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को तहसीलदार के सहयोग से डोमिसाइल प्रमाणपत्र बांटे। गांधी का कहना है कि राज्य से अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद राज्य प्रमाणपत्र का दर्जा खत्म हो गया था, जिसके लिए अब डोमिसाइल को नागरिकता प्रमाणपत्र माना जाएगा। बुधवार को तहसील के करीब 70 लोगों को तहसीलदार माजिद चौधरी के सहयोग से डोमिसाइल प्रमाणपत्र वितरित किए गए हैं, जिसमें मैं भी शामिल हूं। मैंने भी आज ही अपना डोमिसाइल बनवाया है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह कि अब हम भी पंच-सरपंच व विधायक बन सकेंगे।