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डोगरी पत्रिका 'विज्ञान जात्तरा' का विमोचन: डॉ. जितेंद्र बोले- विज्ञान-प्रौद्योगिकी का भारत में स्वर्णिम युग
Sun, 07 Aug 2022 09:59 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 07 Aug 2022 09:59 PM IST
सार
डॉ. जिंतेद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में प्रौद्योगिकी का अधिक विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री ने लोगों के लिए जीवन यापन करना आसान कर दिया है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का भारत में स्वर्णिम युग है। विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए डोगरी भाषा का चुना गया है। यह बातें केंद्र में पीएमओ मंत्री डॉ. जितेद्र सिंह रविवार को जम्मू विश्वविद्यालय में 'विज्ञान जात्तरा' पत्रिका के विमोचन के दौरान कहीं। डॉ. जिंतेद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में प्रौद्योगिकी का अधिक विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री ने लोगों के लिए जीवन यापन करना आसान कर दिया है। लोगों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के दरवाजे भी खोल दिए हैं।
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डॉ. सिंह ने कहा कि डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी पर देशभर में परमाणु ऊर्जा के संस्थान खोले गए हैं। भूतपूर्व सरकारों के कार्यकाल में इन संस्थानों की कमी रही है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में कोई रुचि नहीं रही है। इस तरह का विकास करने की उनकी इच्छा शक्ति नहीं थी। लेकिन प्रधानमंत्री ने जब कार्यभार संभाला तो आगे को बढ़ाने की आजादी मिली है। जिसमें ड्रोन आदि प्रौद्योगिकी को विकसित किया गया है।
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डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्टार्ट के मामले में भारत विश्व में तीसरे नंबर पर आया है। कम ही समय में भारत ने ख्याति पाई है।उन्होंने कहा कि विज्ञान यात्रा पत्रिका के इस विमोचन समारोह में सभी लोग संकल्प लें कि विज्ञान की शब्दावली लिखने की भाषा डोगरी होगी। इसमें जम्मू विश्वविद्यालय के डोगरी विभाग के मदद की जरूरत है।
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2047 के स्वरूप को समझेंगे
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2047 के स्वरूप को समझने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के साथ मिलकर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि साइंस की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए सभी युवाओं का योगदान होना अनिवार्य है। मौके पर यात्रा पत्रिका के मुख्य संपादक डॉ. नकुल पराश्र, प्रबंधक संपादक निमिष कपूर, संपादक डॉ. सूरम सिंह, डोगरी संस्था के अध्यक्ष ललित मंगोत्रा दोनों विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और छात्र भी उपस्थित रहे।
भाषा पर युवाओं की पकड़ जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुवाद पर ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन, उसका अर्थ नहीं बदलना चाहिए। अंग्रेजी के साथ हिंदी या डोगरी या किसी अन्य भाषा की पकड़ होनी चाहिए। अनुवाद रोजगार को बढ़ाने का एक माध्यम भी है। किसी युवक की भाषा कमजोर है तो वह अपना पदभार नहीं संभाल पाएगा। भाषा के मामले कोई युवा कमजोर होगा उसकी असमर्थता देश को कमजोर कर सकती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए भाषा पर ध्यान देना होगा।
डोगरा प्रदेश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण दिन
केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव जैन ने कहा कि डुग्गर प्रदेश के लिए आज का दिन अधिक महत्वपूर्ण है। पांच महीने पहले विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की कश्मीरी में पत्रिका का विमोचन हो रहा था। उस समय डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ डोगरी में भी पत्रिका निकालने के बारे में विचार मंथन किया गया था। लेकिन इस पत्रिका को प्रकाशित करने में उनका पूरा सहयोग रहा है। योग्य छात्र व शोधार्थी सहित अन्य विद्वान भी पत्रिका के लिए विज्ञान के मूल लेख देंगे। जिनसे डोगरा प्रदेश के लोग लाभान्निवत हो सकेंगे।
जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर उमेश राय ने कहा कि जम्मू -कश्मीर में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं को सफल बनाने में डॉ. जितंद्र सिंह का अहम रोल है। उन्होंने कहा कि विवि में बयॉलोजी और बयटेक्नॉलोजी सहित अन्य विज्ञान के विभाग संचालित हैं। साइंस रिसर्च सेंटर और पैथोलॉजी सेंटर खोलने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बोटैनिकल गार्डन संसाधनों के अभाव में धीमी गति से चल रहा है। इसको भी व्यवस्थित तरीके से संचालित रखना होगा। इसके लिए भी सरकार से सहायता की जरूरत है।
केंविवि करेगा पत्रिका के लिए सामग्री एकत्रित
विज्ञान पत्रिका विज्ञान प्रसार के मार्गदर्शन से डोगरी में प्रकाशित की जाएगी। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुवादित आलेखों, पुस्तकों व मूल लेखों को प्रकाशित किया जाएगा। विज्ञान संबधी तकीनीकी फिल्म का निर्माण भी किया जाएगा। केंद्रीय विवि जम्मू सामग्री एकत्रित करेगा। जम्मू विवि का डोगरी विभाग भी संपादन आदि कार्यों में मदद करेगा। विज्ञान प्रसार से यह पत्रिका प्रकाशित होगी।