फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   dispute in PDP BJP on cabinet

दूसरे दिन ही भाजपा-पीडीपी में मंत्रिमंडल पर खींचतान

Tue, 03 Mar 2015 10:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Tue, 03 Mar 2015 10:24 AM IST
विज्ञापन
dispute in PDP BJP on cabinet

प्रथमे ग्रासे मक्षिका पात:। भाजपा और पीडीपी की गठबंधन सरकार इसी स्थिति से गुजर रही है। शपथ ग्रहण समारोह की तालियों की गूंज मद्धिम होने से पहले ही विवाद का शोर खड़ा हो गया है। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद का पहला बयान ही भाजपा के गले में अटक गया।

विज्ञापन


शांतिपूर्ण चुनाव में भारी मतदान के लिए पाकिस्तान, आतंकियों और अलगाववादियों को श्रेय संबंधी बयान को सिर्फ भाजपा ने ही नहीं बल्कि अलगाववादियों ने भी खारिज कर दिया है। अफजल गुरु के शव के अवशेष की वापसी संबंधी पीडीपी विधायकों की मांग पर भी भाजपा स्तब्ध है।
विज्ञापन


दोनों पार्टियों में खींचतान और अंदरूनी जंग सिर्फ नीतियों और सिद्धांतों तक ही सीमित नहीं है। अब सत्ता में हिस्सेदारी पर भी तलवारें खिंच गईं हैं। भाजपा को ठगे जाने का अहसास होने लगा है। विवाद के कारण मंत्रियों में विभागों का वितरण दूसरे दिन भी नहीं हो पाया। वैसे सीएम मुफ्ती ने दोनों दलों के विधायकों को संयुक्त डिनर देकर तालमेल बढ़ाने की कोशिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विवाद के कारण नहीं हो पाया विभागों का बंटवारा

dispute in PDP BJP on cabinet

आम तौर पर मंत्रियों के शपथ लेने के बाद ही विभागों के वितरण की घोषणा हो जाती है। मुफ्ती मंत्रिमंडल की पहली बैठक में सोमवार को कई अहम फैसले हुए, लेकिन, बैठक के बाद भी मंत्रियों के विभागों का फैसला नहीं हो पाया।

अब पीडीपी गृह और वित्त विभाग के अलावा तमाम अहम विभाग अपने पास रखना चाहती है। भाजपा को ऊर्जा, उद्योग और वाणिज्य विभाग दिया जा रहा है। भाजपा को इस पर ऐतराज है।

दोनों दलों में इस पर फिर से बातचीत शुरू हुई है। कैबिनेट रैंक के वितरण में भी पीडीपी का पलड़ा भारी रहा। पीडीपी के  हिस्से 10 कैबिनेट रैंक आए और भाजपा को सिर्फ 6 पद मिले। भाजपा को राज्य स्तरीय मंत्रियों में पांच स्थान मिले हैं। इस पर भी विवाद है।

कैसे प‌िछड़ी बंटबारे में भाजपा

dispute in PDP BJP on cabinet

भाजपा और पीडीपी सियासत के दो ध्रुव रहे हैं। नतीजतन नीतियों और सिद्धांतों के मोर्चे पर तालमेल में मुश्किलें स्वाभाविक हैं। शायद इसीलिए दोनों दलों ने सरकार चलाने के लिए गठबंधन का एजेंडा बनाया लेकिन सत्ता के बंटवारे में असमानता से लड़ाई सतह पर आ सकती है।

भाजपा ने इस गठबंधन के लिए कई मुद्दों पर समझौते किए। राज्यसभा चुनाव में भाजपा के दो और पीडीपी के तीन प्रत्याशी जीते। विधान परिषद चुनाव में पीडीपी के पांच प्रत्याशी जीते और भाजपा के सिर्फ चार। इसी तरह मंत्रियों की संख्या में भी भाजपा पिछड़ गई।

मुफ्ती समेत पीडीपी के 14 मंत्री हैं जबकि भाजपा के हिस्से में 11 मंत्री आए हैं। भाजपा को दो पद सहयोगी विधायक सज्जाद लोन और पवन गुप्ता को देने पड़े। इसी तरह पार्टी के हिस्से सिर्फ 9 मंत्री पद ही आए।

दिलचस्प यह भी है कि भाजपा ने हाल में पार्टी में शामिल हुए लाल सिंह और अब्दुल गनी कोहली को मंत्री बनाया। प्रिया सेठी के रूप में एक मनोनीत विधायक को मंत्री पद मिला।

इस तरह पुराने कार्यकर्ता से विधायक बने मंत्रियों की संख्या सात पर आ टिकी। जम्मू शहर का कोई विधायक मंत्री नहीं बन पाया। इससे भी भाजपा विधायकों में रोष है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed