अब्दुल गनी भट के सहारे अलगाववादियों को साधने की कोशिश, राजनाथ ने हुर्रियत से बातचीत के दिए संकेत
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केंद्र प्रो. अब्दुल गनी भट के सहारे अलगाववादियों को साधने में जुटा है। इसमें केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा महत्वपूर्ण भूमिका रहे हैं। प्रो. भट से मुलाकात के बाद लगातार दोनों एक दूसरे के संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि प्रो. भट अलगाववादियों के बीच बातचीत का माहौल तैयार करने में लगे हुए हैं ताकि कश्मीर मसले का हल ढूंढा जा सके और शांति बहाली हो सके।
अलगाववादी खेमे में सेंध लगाने के लिए दिनेश्वर श्रीनगर में पिछले साल नवंबर महीने के अंत में प्रो. भट से मिले थे। इसके बाद से लगातार प्रो. भट अलगाववादियों से बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अंदर ही अंदर माहौल बनाने में जुटे रहे। हाल ही में रमजान के महीने में एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा के पीछे भी माना जा रहा है कि दिनेश्वर ने विश्वास बहाली के लिए इसे मान लेने का केंद्र को सुझाव दिया था। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि इससे न केवल आम कश्मीरियों का दिल जीता जा सकता है बल्कि अलगाववादियों को भी साधा जा सकता है।
रमजान के महीने में दिनेश्वर के श्रीनगर दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने एलान किया कि केंद्र सरकार अलगाववादियों से बातचीत करने को तैयार है। सूत्र बताते हैं कि दिनेश्वर की रिपोर्ट के बाद अलगाववादी खेमे में बातचीत के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो चुका है, केंद्र ने इसका एलान किया। स्वयं प्रो. अब्दुल गनी भट ने भी 22 मई को यह संकेत दिया था कि केंद्र जल्द ही पाकिस्तान के साथ-साथ हुर्रियत कांफ्रेंस के साथ बातचीत शुरू करेगी। कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।
कौन हैं प्रो. अब्दुल गनी भट
प्रो. भट आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के पूर्व चेयरमैन और मुस्लिम कांफ्रेंस के अध्यक्ष हैं। इन्हें हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक वाले हुर्रियत धड़े का माना जाता है। उत्तरी कश्मीर के सोपोर इलाके के बोटेंगो गांव के प्रो. भट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से परसियन में परा स्नातक की है।
विधि की भी पढ़ाई की है। सोपोर में उन्होंने वकालत भी शुरू की थी, लेकिन थोड़े ही दिनों बाद इसे छोड़ दिया। 1963 में सरकारी कालेज पुंछ में परसियन के लेक्चरर बने। 1986 में उन्हें बर्खास्त किया गया। आरोप था कि अनंतनाग में कश्मीरी पंडितों के मंदिर व घरों को जलाया। लगभग नौ महीने उन्होंने जेल में सजा भी काटी।