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डीजीपी बोले: अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस तैयार, पाकिस्तान कश्मीर की शांति में डालना चाहता है खलल
Sat, 02 Apr 2022 03:17 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 02 Apr 2022 03:17 PM IST
सार
जम्मू कश्मीर पुलिस अमरनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर रही हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात रहेंगे।
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डीजीपी दिलबाग सिंह
- फोटो : ani
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विस्तार
जम्मू कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि अमरनाथ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा की पूरी योजना बना ली गई है। इस साल यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का विश्लेषण किया गया है। पाकिस्तान कश्मीर की शांति में खलल डालने की लगातार कोशिश करता रहता है। बावजूद पुलिस और सुरक्षा बल आतंकी और अन्य स्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं।
इससे पहले पुलवामा जिले के अवंतिपोरा में सेना और पुलिस के संयुक्त सुरक्षा सम्मेलन में अमरनाथ यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन की रणनीति बनाई गई। साथ ही घाटी में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन चिनार कोर के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
सम्मेलन में जीओसी, सेक्टर कमांडरों और सीओ के अलावा आईजीपी कश्मीर रेंज विजय कुमार, उत्तर, मध्य और दक्षिण कश्मीर के डीआईजी व सभी जिलों के एसएसपी और एसपी शामिल थे। बैठक में नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों पर हाल ही में हुए आतंकी हमलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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मस्जिदों और मदरसों में शरण लेने वाले आतंकियों की खतरनाक प्रवृत्ति की ओर भी इशारा किया गया। घाटी में मादक द्रव्यों के खतरे के मुद्दे और इसके कारण पैदा होने वाले नकारात्मक प्रभावों पर विचार विमर्श किया गया। सेना प्रवक्ता ने बताया कि जिन मुद्दों पर चर्चा की गई।
उनमें अमरनाथजी यात्रा का सुरक्षित और सुचारू संचालन भी शामिल है। इस वर्ष यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों के आने की उम्मीद है क्योंकि कोविड प्रतिबंधों के कारण दो साल के अंतराल के बाद इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।
एजेंसियों ने सुरक्षा उपायों पर विचार-विमर्श किया और तालमेल के साथ यात्रियों के यातायात के सुचारु प्रवाह और उपलब्ध संसाधनों से प्रशासनिक और चिकित्सा सहायता के प्रावधान को सुनिश्चित करने के प्रयासों पर जोर दिया।
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इससे पहले पुलवामा जिले के अवंतिपोरा में सेना और पुलिस के संयुक्त सुरक्षा सम्मेलन में अमरनाथ यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन की रणनीति बनाई गई। साथ ही घाटी में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन चिनार कोर के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
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सम्मेलन में जीओसी, सेक्टर कमांडरों और सीओ के अलावा आईजीपी कश्मीर रेंज विजय कुमार, उत्तर, मध्य और दक्षिण कश्मीर के डीआईजी व सभी जिलों के एसएसपी और एसपी शामिल थे। बैठक में नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों पर हाल ही में हुए आतंकी हमलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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मस्जिदों और मदरसों में शरण लेने वाले आतंकियों की खतरनाक प्रवृत्ति की ओर भी इशारा किया गया। घाटी में मादक द्रव्यों के खतरे के मुद्दे और इसके कारण पैदा होने वाले नकारात्मक प्रभावों पर विचार विमर्श किया गया। सेना प्रवक्ता ने बताया कि जिन मुद्दों पर चर्चा की गई।
उनमें अमरनाथजी यात्रा का सुरक्षित और सुचारू संचालन भी शामिल है। इस वर्ष यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों के आने की उम्मीद है क्योंकि कोविड प्रतिबंधों के कारण दो साल के अंतराल के बाद इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।
एजेंसियों ने सुरक्षा उपायों पर विचार-विमर्श किया और तालमेल के साथ यात्रियों के यातायात के सुचारु प्रवाह और उपलब्ध संसाधनों से प्रशासनिक और चिकित्सा सहायता के प्रावधान को सुनिश्चित करने के प्रयासों पर जोर दिया।