{"_id":"642f0838fc565f300404fd8e","slug":"dgp-dilbag-singh-said-terrorism-is-decreasing-rapidly-in-kashmir-2023-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेके डीजीपी: कश्मीर में आतंकवाद तेजी से हो रहा कम, ड्रोन से हथियार गिराने के मंसूबों को किया जा रहा नाकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेके डीजीपी: कश्मीर में आतंकवाद तेजी से हो रहा कम, ड्रोन से हथियार गिराने के मंसूबों को किया जा रहा नाकाम
Fri, 07 Apr 2023 01:30 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 07 Apr 2023 01:30 AM IST
सार
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि घाटी के युवा अब प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में हिस्सा लेकर करियर बना रहे हैं। कश्मीरवासी अब शांति में योगदान दे रहे हैं। इसलिए आतंकी घटनाओं पर लगाम लगी है।
विज्ञापन
कश्मीर में डीजीपी दिलबाग सिंह
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन तेजी से कम हो रहा है। ड्रोन के माध्यम से प्रदेश में हथियार व नकदी फेंकने और नशे की तस्करी करने के दुश्मन के मंसूबों को नाकाम करने में पुलिस को सफलता मिल रही है।
विज्ञापन
यह बातें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने वीरवार को बांदीपोरा के सोनावरी में हुए एक समारोह में कही। साथ ही बताया कि श्रीनगर समेत कश्मीर के अन्य हिस्सों से कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, लेकिन ईद की नमाज की अनुमति का फैसला संभागीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि घाटी के युवा अब प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में हिस्सा लेकर करियर बना रहे हैं। कश्मीरवासी अब शांति में योगदान दे रहे हैं। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में नशीली दवाओं के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।
विज्ञापन
केंद्र शासित प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। इस मौके पर उन्होंने पाकिस्तान, उसकी एजेंसियों, संगठनों और पाकिस्तान समर्थक व्यक्तियों की साजिशों को समझने के लिए घाटी के लोगों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो यहां के लोगों व युवाओं को पथराव के लिए उकसाते थे और उन्हें अपने व्यक्तिगत व अन्य लाभों के लिए इस्तेमाल करते थे।