{"_id":"6133de388ebc3e743c1e3c97","slug":"development-jammu-news-jammu-city-news-jmu2429640121","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तीन घंटे पहले मिलेगा मौसम का पूर्वानुमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तीन घंटे पहले मिलेगा मौसम का पूर्वानुमान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। मौसम विज्ञान केंद्र जम्मू-कश्मीर बन तालाब स्थित विभागीय कार्यालय में एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार और इंडिजीनियस जीपीएस आधारित पायलट सोंडी स्थापित करने जा रहा है। रविवार से इस रडार के शुरू होने से तीन घंटे पहले मौसम की पूर्व जानकारी मिल सकेगी। इससे मौसम आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाकर जानमाल के नुकसान को कम किया जाएगा। पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह रविवार सुबह 11 बजे जम्मू संभाग के लोगों को रडार सिस्टम समर्पित करेंगे।
नई प्रणाली से जम्मू संभाग के पर्यटन क्षेत्रों में मौसम की स्टीक जानकारी मिलने से पर्यटक अपनी यात्राओं को सुगम बना सकेंगे। इस रडार प्रणाली से मौसम की पूर्व जानकारी के साथ चेतावनी जारी की जाएगी। इसमें आटोमेटिक 56 रेडियोसोंडी/रेडियोविंड और 62 रेडियोविंड ऑब्जरवेटरी हैं। रेडियोविंड ऑब्जरवेटरी से हवा की गति की सही जानकारी मिल सकेगी। इससे पहले मौसम विज्ञान केंद्र में मैनुअल ट्रैकिंग प्रणाली से हवा की जानकारी दी जा रही है। इस नई प्रणाली से कम श्रमशक्ति से बेहतर मौसम का डेटा लिया जाएगा। प्रदेश में हर साल वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा के लिए लाखों यात्री पहुंचते हैं, जिन्हें नई रडार प्रणाली से यात्रा की स्टीक जानकारी मिलेगी।
विज्ञापन
नई प्रणाली से जम्मू संभाग के पर्यटन क्षेत्रों में मौसम की स्टीक जानकारी मिलने से पर्यटक अपनी यात्राओं को सुगम बना सकेंगे। इस रडार प्रणाली से मौसम की पूर्व जानकारी के साथ चेतावनी जारी की जाएगी। इसमें आटोमेटिक 56 रेडियोसोंडी/रेडियोविंड और 62 रेडियोविंड ऑब्जरवेटरी हैं। रेडियोविंड ऑब्जरवेटरी से हवा की गति की सही जानकारी मिल सकेगी। इससे पहले मौसम विज्ञान केंद्र में मैनुअल ट्रैकिंग प्रणाली से हवा की जानकारी दी जा रही है। इस नई प्रणाली से कम श्रमशक्ति से बेहतर मौसम का डेटा लिया जाएगा। प्रदेश में हर साल वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा के लिए लाखों यात्री पहुंचते हैं, जिन्हें नई रडार प्रणाली से यात्रा की स्टीक जानकारी मिलेगी।
विज्ञापन