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बॉर्डर नाकों पर पुलिस के साथ वीडीसी सदस्य भी होंगे तैनात
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जम्मू। नब्बे के दशक में पहाड़ी और सीमांत इलाकों की सुरक्षा पुख्ता करने में लगाए गए विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सदस्यों को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। सीमांत इलाकों में बढ़ी आतंकी घटनाओं के मद्देनजर स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा कड़ी करने के लिए बॉर्डर के नाकों पर पुलिस कर्मियों के साथ वीडीसी सदस्य भी मुस्तैद रहेंगे। कठुआ जिले से इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। अब रियासी और जम्मू जिले में भी वीडीसी को सक्रिय जा रहा है। इनको दी गई राइफलों की सफाई के साथ फायरिंग का परीक्षण दिया जाएगा।
इस समय बॉर्डर पर ड्रोन के जरिये हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। नशा तस्करी भी हो रही है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर आतंकी किसी बड़ी साजिश को भी अंजाम दे सकते हैं। लिहाजा सुरक्षा मजबूत करने के लिए वीडीसी सदस्यों को नए सिरे से प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है।
कठुआ के एसएसपी आरसी कोतवाल का कहना है कि इन सदस्यों के पास जो बंदूकें हैं, उनकी सफाई करवाई जा रही है। साथ ही इनको बॉर्डर पुलिस चौकियों पर तैनात जवानों के साथ लगाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा बंदोबस्त में इनकी सेवाएं ली जा रही हैं।
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1990 में बनीं थी ये कमेटियां
जानकारी के अनुसार ये कमेटियां 1990 में बनीं थीं, इनमें 4100 सदस्यों को रखा गया। इनका काम था कि ये लोग अपने-अपने गांवों में आतंकी वारदातों पर नजर रखें। मौजूदा समय में इन लोगों को गांव में गश्त करने पर लगाया जाता है। या फिर पुलिस स्टेशनों में नाइट ड्यूटी पर लगाया जाता है। लेकिन गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर इनको विशेष रूप से बॉर्डर में पुलिस नाकों पर लगाया जाता है।
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जम्मू जिले में भी वीडीसी सदस्यों को प्रशिक्षित करने और इनकी सेवाएं लेने का शेड्यूल बनाया जा रहा है। इसके तहत इनको सुरक्षा के बारे जागरूक किया जाएगा। समय-समय पर इन लोगों को राइफलें साफ रखने और अन्य तरह की जानकारियां दी जाती हैं। फिर से इनको प्रशिक्षण देने की बात चल रही है, ताकि इनकी सेवाएं बॉर्डर पर नाकों पर ली जा सकें।
चंदन कोहली, एसएसपी जम्मू
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इस समय बॉर्डर पर ड्रोन के जरिये हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। नशा तस्करी भी हो रही है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर आतंकी किसी बड़ी साजिश को भी अंजाम दे सकते हैं। लिहाजा सुरक्षा मजबूत करने के लिए वीडीसी सदस्यों को नए सिरे से प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है।
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कठुआ के एसएसपी आरसी कोतवाल का कहना है कि इन सदस्यों के पास जो बंदूकें हैं, उनकी सफाई करवाई जा रही है। साथ ही इनको बॉर्डर पुलिस चौकियों पर तैनात जवानों के साथ लगाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा बंदोबस्त में इनकी सेवाएं ली जा रही हैं।
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1990 में बनीं थी ये कमेटियां
जानकारी के अनुसार ये कमेटियां 1990 में बनीं थीं, इनमें 4100 सदस्यों को रखा गया। इनका काम था कि ये लोग अपने-अपने गांवों में आतंकी वारदातों पर नजर रखें। मौजूदा समय में इन लोगों को गांव में गश्त करने पर लगाया जाता है। या फिर पुलिस स्टेशनों में नाइट ड्यूटी पर लगाया जाता है। लेकिन गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर इनको विशेष रूप से बॉर्डर में पुलिस नाकों पर लगाया जाता है।
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जम्मू जिले में भी वीडीसी सदस्यों को प्रशिक्षित करने और इनकी सेवाएं लेने का शेड्यूल बनाया जा रहा है। इसके तहत इनको सुरक्षा के बारे जागरूक किया जाएगा। समय-समय पर इन लोगों को राइफलें साफ रखने और अन्य तरह की जानकारियां दी जाती हैं। फिर से इनको प्रशिक्षण देने की बात चल रही है, ताकि इनकी सेवाएं बॉर्डर पर नाकों पर ली जा सकें।
चंदन कोहली, एसएसपी जम्मू