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दिसंबर में तैयार होगा जम्मू-अखनूर फोरलेन मशीनरी के साथ 400 श्रमिक काम पर डटे
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जम्मू। जम्मू-अखनूर फोरलेन के काम ने ऑनलाक पांच के बाद रफ्तार पकड़ी है। इस साल दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण कार्य में नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) ने भारी मशीनरी के साथ 400 श्रमिक लगाए हैं। फ्लाईओवर के लिए 126 में से 104 पिल्लरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 22 पिल्लरों का काम चल रहा है। हालांकि अगस्त, 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी ने रुकावट डाल दी।
एनएचआइडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना के कारण काम में बाधा आई है, लेकिन अब काम तेज किया जा रहा है। अधिग्रहण के मामलों में कुछ मामले अभी कोर्ट में चल रहे हैं, जिनकी वजह से भी निर्माण कार्य में रुकावट आ रही है। जम्मू से अखनूर स्थित हनुमान मंदिर तक 30 किलोमीटर रोड का निर्माण किया जाना है। अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग पर यातायात समस्या रहती है, अगर पुलिस प्रशासन ट्रैफिक प्रबंधन में थोड़ी मदद करे तो काम के चलते जाम की दिक्कत काफी कम हो सकती है।
गौर हो कि जम्मू-अखनूर-पुंछ हाईवे को 144ए का नाम दिया गया है। इसके लिए नवंबर, 2015 में सरकार ने 5100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। निर्माण कार्य के लिए जम्मू-अखनूर मार्ग का काम एनएचआईडीसीएल करवा रहा है और अखनूर-नौशेरा-पुंछ सेक्शन का काम बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन करवा रही है। जम्मू-अखनूर फोरलेन सामरिक दृष्टी से भी काफी महत्वपूर्ण है। इससे आर्मी को बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी होगी। ट्रैफिक समस्या से भी निजात मिलेगी।
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- ऑनलाक पांच के बाद काम तेज कर दिया है। कोरोना महामारी और भूमि अधिग्रहण के मामलों से काम में देरी हुई है। अब भारी मशीनरी और 400 श्रमिकों के साथ काम को इसी साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अभी तक 126 में से 104 पिल्लरों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बाकी 22 पिल्लरों के लिए भी नींव की खोदाई शुरू कर दी है। दिसंबर तक हर हाल में काम पूरा किया जाएगा।
-एसपीएस सांगवान, जनरल मैनेजर, एनएचआइडीसीएल
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एनएचआइडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना के कारण काम में बाधा आई है, लेकिन अब काम तेज किया जा रहा है। अधिग्रहण के मामलों में कुछ मामले अभी कोर्ट में चल रहे हैं, जिनकी वजह से भी निर्माण कार्य में रुकावट आ रही है। जम्मू से अखनूर स्थित हनुमान मंदिर तक 30 किलोमीटर रोड का निर्माण किया जाना है। अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग पर यातायात समस्या रहती है, अगर पुलिस प्रशासन ट्रैफिक प्रबंधन में थोड़ी मदद करे तो काम के चलते जाम की दिक्कत काफी कम हो सकती है।
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गौर हो कि जम्मू-अखनूर-पुंछ हाईवे को 144ए का नाम दिया गया है। इसके लिए नवंबर, 2015 में सरकार ने 5100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। निर्माण कार्य के लिए जम्मू-अखनूर मार्ग का काम एनएचआईडीसीएल करवा रहा है और अखनूर-नौशेरा-पुंछ सेक्शन का काम बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन करवा रही है। जम्मू-अखनूर फोरलेन सामरिक दृष्टी से भी काफी महत्वपूर्ण है। इससे आर्मी को बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी होगी। ट्रैफिक समस्या से भी निजात मिलेगी।
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- ऑनलाक पांच के बाद काम तेज कर दिया है। कोरोना महामारी और भूमि अधिग्रहण के मामलों से काम में देरी हुई है। अब भारी मशीनरी और 400 श्रमिकों के साथ काम को इसी साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अभी तक 126 में से 104 पिल्लरों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बाकी 22 पिल्लरों के लिए भी नींव की खोदाई शुरू कर दी है। दिसंबर तक हर हाल में काम पूरा किया जाएगा।
-एसपीएस सांगवान, जनरल मैनेजर, एनएचआइडीसीएल