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पुख्ता सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना, निर्मल सिंह और राम माधव भी हुए शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 27 Jun 2018 05:32 PM IST
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निर्मल सिंह और राम माधव
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था आज भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हो गया है। जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे में शामिल तीर्थयात्रियों का स्वागत किया गया।
इस जत्थे में श्रद्धालुओं के अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और बीजेपी में राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी शामिल हुए।
स्थानीय लोगों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए तीर्थयात्रियों ने कहा कि हम इंतजामों और सुरक्षा व्यवस्था से खुश हैं
जम्मू के बेस कैम्प से भारी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ है। इस जत्थे में 1091 लोग रवाना हुए हैं। जिनमें 780 पुरुष और 190 महिलाएं जबकि एक 1 बच्चा व 120 साधु शामिल हैं। यात्रा में 21 बस, 27 छोटे वाहन और 4 मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
भगवती नगर आधार शिविर बाबा भोले के भक्तों से गुलजार हो गया है। बाबा के जयघोष से पूरा इलाका गूंज रहा है। पूरे आधार शिविर और आस पास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
दक्षिण कश्मीर स्थित हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन के लिये अब तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।
यात्रा का समापन रक्षा बंधन पर 26 अगस्त को होगा। पिछले साल 2.60 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी।
28 जून से यात्रा शुरू होगी। पहली बार यात्रा में शामिल होने वाले सभी वाहनों की ट्रैकिंग होगी। इसके लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) टैग वाहनों पर लगाए जाएंगे। सीआरपीएफ का मोटरसाइकिल दस्ता भी सुरक्षा में सक्रिय रहेगा।
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इस जत्थे में श्रद्धालुओं के अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और बीजेपी में राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी शामिल हुए।
स्थानीय लोगों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए तीर्थयात्रियों ने कहा कि हम इंतजामों और सुरक्षा व्यवस्था से खुश हैं
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भगवती नगर आधार शिविर से पहलगांव रुट पर रवाना हुए पहले जत्थे में 1904 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 1554 पुरुष और 330 महिलाएं और 20 बच्चे शामिल हैं। यात्रा में 36 बस और 25 छोटे वाहन शामिल हैं।Udhampur: Pilgrims in first batch of #AmarnathYatra being welcomed by locals & officers of the dist admn, including Dy Commissioner Udhampur Ravinder Kumar & SP Udhampur Faisal Qureshi, at Tikri. Pilgrims say 'We are happy with the arrangements & the security.' #JammuAndKashmir pic.twitter.com/ikD8OeHVjS
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 27, 2018
जम्मू के बेस कैम्प से भारी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ है। इस जत्थे में 1091 लोग रवाना हुए हैं। जिनमें 780 पुरुष और 190 महिलाएं जबकि एक 1 बच्चा व 120 साधु शामिल हैं। यात्रा में 21 बस, 27 छोटे वाहन और 4 मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
भगवती नगर आधार शिविर बाबा भोले के भक्तों से गुलजार हो गया है। बाबा के जयघोष से पूरा इलाका गूंज रहा है। पूरे आधार शिविर और आस पास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
दक्षिण कश्मीर स्थित हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन के लिये अब तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।
यात्रा का समापन रक्षा बंधन पर 26 अगस्त को होगा। पिछले साल 2.60 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी।
28 जून से यात्रा शुरू होगी। पहली बार यात्रा में शामिल होने वाले सभी वाहनों की ट्रैकिंग होगी। इसके लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) टैग वाहनों पर लगाए जाएंगे। सीआरपीएफ का मोटरसाइकिल दस्ता भी सुरक्षा में सक्रिय रहेगा।
अमरनाथ यात्रा
यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस, पैरामिलिट्री, एनडीआरएफ व सेना के 40 हजार जवानों को सुरक्षा में लगाया गया है। आईजी जम्मू एसडी सिंह जमवाल का कहना है कि यात्रा की सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने की हर संभव तैयारियां हैं।
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके तहत प्रमुख मंदिरों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। हाईवे के साथ ही जिस मार्ग से यात्रा गुजरेगी वहां जवानों की तैनाती है।
इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का भी इस बार काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर आतंकवादी किसी तरह की गड़बड़ी न कर पाएं, इसके लिये सेना की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है। अगर आतंकवादी कहीं हमला करने की कोशिश भी करते हैं तो उस दिशा में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तत्काल वहां भेजा जा सके, इसके लिये भी इंतजाम किए गए हैं।
तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले और यात्रा का हिस्सा रहे हर वाहन में आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन) टैग लगाए गए हैं जिन पर यहां बनाए गए एक नियंत्रण कक्ष से निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा, सुरक्षा बलों को यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके तहत प्रमुख मंदिरों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। हाईवे के साथ ही जिस मार्ग से यात्रा गुजरेगी वहां जवानों की तैनाती है।
इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का भी इस बार काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर आतंकवादी किसी तरह की गड़बड़ी न कर पाएं, इसके लिये सेना की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है। अगर आतंकवादी कहीं हमला करने की कोशिश भी करते हैं तो उस दिशा में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तत्काल वहां भेजा जा सके, इसके लिये भी इंतजाम किए गए हैं।
तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले और यात्रा का हिस्सा रहे हर वाहन में आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन) टैग लगाए गए हैं जिन पर यहां बनाए गए एक नियंत्रण कक्ष से निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा, सुरक्षा बलों को यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होते श्रद्धालु।
- फोटो : amar ujala
इसके साथ ही उन्हें कहा गया है कि तीर्थयात्रियों की गाड़ियों को सुरक्षाबलों की बुलेटप्रूफ गाड़ियों के बीच लेकर जाया जाए। अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ की रोड क्लीयरिंग पार्टियां यात्रा मार्ग की निगरानी करती रहेंगी जिससे आईईडी धमाके के खतरे को दूर किया जा सके।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों ही रूट से रोजाना साढ़े सात-सात हजार यात्रियों को दर्शन के लिए भेजा जाएगा। पहलगाम से पवित्र गुफा की दूरी 36 किमी है जबकि बालटाल से 12 किमी। यात्री दोनों ही रूट से हेलीकाप्टर से भी जा सकते हैं।
राज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एनएन वोहरा ने मंगलवार को यात्रियों के अग्रिम पंजीकरण की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि एक मार्च से शुरू हुए पंजीकरण में अब तक 211994 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराए हैं।
इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा के सबसे अधिक श्रद्धालु हैं। समीक्षा में यह भी सामने आया कि श्रद्धालुओं ने बालटाल की बजाय पहलगाम रूट को अधिक महत्व दिया है।
225 ग्रुप ने भी पंजीकरण कराया है। सीईओ उमंग नरूला ने बताया कि नीलग्राथ-पंजतरणी रूट के लिए 1600 व पहलगाम-पंजतरणी के लिए 2751 रुपये हेलीकाप्टर का एक तरफ का किराया है। किराए में सभी तरह का कर शामिल है।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों ही रूट से रोजाना साढ़े सात-सात हजार यात्रियों को दर्शन के लिए भेजा जाएगा। पहलगाम से पवित्र गुफा की दूरी 36 किमी है जबकि बालटाल से 12 किमी। यात्री दोनों ही रूट से हेलीकाप्टर से भी जा सकते हैं।
राज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एनएन वोहरा ने मंगलवार को यात्रियों के अग्रिम पंजीकरण की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि एक मार्च से शुरू हुए पंजीकरण में अब तक 211994 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराए हैं।
इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा के सबसे अधिक श्रद्धालु हैं। समीक्षा में यह भी सामने आया कि श्रद्धालुओं ने बालटाल की बजाय पहलगाम रूट को अधिक महत्व दिया है।
225 ग्रुप ने भी पंजीकरण कराया है। सीईओ उमंग नरूला ने बताया कि नीलग्राथ-पंजतरणी रूट के लिए 1600 व पहलगाम-पंजतरणी के लिए 2751 रुपये हेलीकाप्टर का एक तरफ का किराया है। किराए में सभी तरह का कर शामिल है।