'मुन्ना भाई' चला रहे थे क्लीनिक, फिर चला डंडा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू संभाग के राजोरी में 'मुन्ना भाईयों ' का धंधा जोरों पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर में चल रहे ऐसे ही मुन्ना भाईयों के क्लीनिकों और लैबों पर शिंकजा कसते हुए एक लैब और एक डेंटल क्लीनिक सील कर दिया।
छापों की भनक लगते ही अन्य अवैध रूप से चलने वाले कलीनिकों को मालिक बंद कर भाग गए। हालांकि विभाग ने ऐसे क्लीनिकों और लैब की सूची तैयार कर ली है। जिन पर अगले एक दो दिन में छापेमारी होगी।
अवैध रूप से चल रहे 18 क्नीनिक
टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी चमन बसीन, जिला अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट, तहसीलदार राजोरी और एसएचओ राजोरी शामिल थे।
टीम ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा नौकरी से निकाल दिए गए डा. जावेद इकबाल चौधरी द्वारा अवैध रूप से चलाई जा रही लैब को सील कर दिया।
इसके बाद मंडी चौक में एक डेंटल क्लीनिक को सील कर दिया। जिसके बाहर कोई बोर्ड नहीं लगा हुआ था। छापे की खबर लगते ही मालिक ने बोर्ड उतार दिया और सामान छोड़कर भाग गया।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. चमन बसीन ने बताया कि शहर में 18 क्लीनिक और लैब अवैध रूप से चल रहे हैं।
छापेमारी के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
इन सभी 18 क्लीनिकों की पहचान कर ली गई है। इन लोगों ने बड़ी ही चालाकी से अपने बोर्ड उतार लिए हैं और सामान भी आगे पीछे कर दिया है, लेकिन जल्द ही इनको सील कर दिया जाएगा।
ऐसा ही अभियान नौशेरा और सुंदरबनी में भी चलाया जाएगा। यहां अवैध रूप से चलने वाले क्लीनिकों और लैब की सूची भी विभाग ने तैयार कर ली है।
जिला अस्पताल में घूम रहे निजी कलीनिकों और लैब के एजेंटों पर शिकंजा कसने के लिए उपायुक्त जतिंदर सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया है, जो अस्पताल में छापेमारी करेगी।
इसके बाद पकड़े गए एजेंटों पर तो कार्रवाई होगी, क्लीनिकों और लैब मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।