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बैंक न होने से परेशानी झेल रहे धार डुगनू के लोग
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बिलावर। उपमंडल के दूरदराज धार डुगनू गांव बैंक न होने के चलते लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। इसलिए, गांव के प्रतिनिधियों ने सरकार से उनके इलाके में बैंक की शाखा खोलने की मांग की है।
पंचायत के सरपंच कुलदीप कुमार ने बताया कि धार डुगनू पंचायत और इसके आसपास की अन्य चार पंचायतों के करीब 20 हजार लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए बिलावर और किशनपुर जाना पड़ता है। जो गांव से लगभग 30 किलोमीटर दूर हैं। वहीं, अपर धार डुगनू, दियौता, लोअर धार डुगनू पंचायतों के लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। जिससे दूरदराज इलाके के हजारों ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है।
पंच मनोहर लाल ने बताया कि बुढ़ापा पेंशन के लिए बुजुर्गों को पैदल चलकर बैंकों में जाना पड़ता है। कई बुजुर्ग इतनी दूर नहीं पहुंच पाते हैं। सरकार ने एमजीनरेगा, पीएमएवाई, आदि योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर बैंकों से है। बुजुर्गों को एक हजार रुपये पेंशन मिलती है। लेकिन, बैंक दूर होने के कारण आने जाने में ही पांच सौ रुपये खर्च हो जाते हैं।
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दियौता गांव के निवासी शमशेर सिंह ने कहा कि ज्यादातर पहाड़ी इलाका सड़क से नहीं जुड़ पाया है। जिसके चलते बैंक संबंधित काम के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर बैंकों में पहुंचना पड़ता है। इससे लोगों का काफी समय बर्बाद हो जाता है। सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि गांव में जल्द बैंक शाखा खोली जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
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पंचायत के सरपंच कुलदीप कुमार ने बताया कि धार डुगनू पंचायत और इसके आसपास की अन्य चार पंचायतों के करीब 20 हजार लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए बिलावर और किशनपुर जाना पड़ता है। जो गांव से लगभग 30 किलोमीटर दूर हैं। वहीं, अपर धार डुगनू, दियौता, लोअर धार डुगनू पंचायतों के लोगों को बैंक संबंधित कामकाज के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। जिससे दूरदराज इलाके के हजारों ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है।
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पंच मनोहर लाल ने बताया कि बुढ़ापा पेंशन के लिए बुजुर्गों को पैदल चलकर बैंकों में जाना पड़ता है। कई बुजुर्ग इतनी दूर नहीं पहुंच पाते हैं। सरकार ने एमजीनरेगा, पीएमएवाई, आदि योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर बैंकों से है। बुजुर्गों को एक हजार रुपये पेंशन मिलती है। लेकिन, बैंक दूर होने के कारण आने जाने में ही पांच सौ रुपये खर्च हो जाते हैं।
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दियौता गांव के निवासी शमशेर सिंह ने कहा कि ज्यादातर पहाड़ी इलाका सड़क से नहीं जुड़ पाया है। जिसके चलते बैंक संबंधित काम के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर बैंकों में पहुंचना पड़ता है। इससे लोगों का काफी समय बर्बाद हो जाता है। सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि गांव में जल्द बैंक शाखा खोली जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।