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परिसीमन आयोग: रिफ्यूजी 73 वर्षों से हो रहे भेदभाव का शिकार, आयोग के समक्ष उठाएंगे ये मुद्दे
Thu, 08 Jul 2021 01:31 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 08 Jul 2021 01:31 PM IST
सार
परिसीमन आयोग से आज शाम साढ़े छह से रात साढ़े नौ बजे तक मिलेंगे करीब 45 संगठन।
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जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
परिसीमन आयोग से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों की मुलाकात के बाद वीरवार शाम साढ़े छह से रात साढ़े नौ बजे तक रिफ्यूजियों, विस्थापितों, सिखों के अलावा गोरखा, वाल्मीकि समाज के अलावा करीब 45 संगठनों के प्रतिनिधिमंडल भी मिलेंगे। वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी के अनुसार उनके संगठन को रात साढ़े सात बजे का समय परिसीमन आयोग से मिलने के लिए दिया गया है।
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वह परिसीमन आयोग से पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजियों को पिछले 73 वर्षों से होते आ रहे भेदभाव को दर्शाएंगे और मांग करेंगे कि रिफ्यूजियों के लिए विधानसभा में सीटों को आरक्षित करने का विशेष प्रावधान किया जाए। अनुच्छेद 370 व 35ए के खत्म होने का स्वागत करते हुए प्रतिनिधिमंडल आयोग से रिफ्यूजियों के राजनीतिक सशक्तिकरण की मांग करेगा जोकि समय की जरूरत है और इसी से जन आकांक्षाओं की सही मायने में पूर्ति हो सकती है।
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वहीं पीओजेके रिफ्यूजियों के संगठन एसओएस इंटरनेशनल के अध्यक्ष राजीव चुन्नी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल परिसीमन आयोग से रात साढ़े आठ बजे मिलेगा। इसके अलावा वाल्मीकि समाज, गोरखा समाज, सिखों के संगठन के अलावा करीब 45 संगठनों के प्रतिनिधिमंडल परिसीमन आयोग से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।