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रियासी में तीन ही विस क्षेत्र रहने की उम्मीद
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रियासी। परिसीमन आयोग की तरफ से प्रदेश में नए विधानसभा क्षेत्र बनाने के दिए प्रस्ताव के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारी के अनुसार जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र ही रहेंगे। लेकिन, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा के नाम से नई विधानसभा बनाए जाने के प्रस्ताव से सियासी माहौल गर्म है।
जिले में पहले ही रियासी, गूल अरनास और गुलाबगढ़ तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। आयोग ने कटड़ा, रियासी और माहौर को विधानसभा बनाने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, किस विस क्षेत्र में कौन कौन सी पंचायतें शामिल होंगी, इस पर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। मौजूदा समय में कटड़ा विस रियासी के अंतर्गत आता है। साथ ही पौनी तहसील भी रियासी से जुड़ी है। प्रस्ताव में गूल अरनास विस क्षेत्र का नाम कहीं भी पारित नहीं किया गया है। जिससे अरनास के पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्र को रियासी के साथ जोड़ा जा सकता है।
इसमें पौनी का क्षेत्र भी शामिल होगा। आयोग की तरफ से जारी किए गए प्रस्ताव का किसी तरफ से विरोध होता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, पौनी के लोगों ने कुछ महीने पहले कहा था कि अगर उनके साथ अरनास जोड़ा जाता है तो वह इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आएंगे। जिला रियासी का लोकसभा क्षेत्र जम्मू से जोड़े जाने के प्रस्ताव का भी लोग स्वागत कर रहे हैं।
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जिले में पहले ही रियासी, गूल अरनास और गुलाबगढ़ तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। आयोग ने कटड़ा, रियासी और माहौर को विधानसभा बनाने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, किस विस क्षेत्र में कौन कौन सी पंचायतें शामिल होंगी, इस पर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। मौजूदा समय में कटड़ा विस रियासी के अंतर्गत आता है। साथ ही पौनी तहसील भी रियासी से जुड़ी है। प्रस्ताव में गूल अरनास विस क्षेत्र का नाम कहीं भी पारित नहीं किया गया है। जिससे अरनास के पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्र को रियासी के साथ जोड़ा जा सकता है।
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इसमें पौनी का क्षेत्र भी शामिल होगा। आयोग की तरफ से जारी किए गए प्रस्ताव का किसी तरफ से विरोध होता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, पौनी के लोगों ने कुछ महीने पहले कहा था कि अगर उनके साथ अरनास जोड़ा जाता है तो वह इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आएंगे। जिला रियासी का लोकसभा क्षेत्र जम्मू से जोड़े जाने के प्रस्ताव का भी लोग स्वागत कर रहे हैं।
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