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दिल्ली नतीजों ने रियासत में हिलाई भाजपा की नींव

Wed, 11 Feb 2015 01:18 PM IST
Updated Wed, 11 Feb 2015 01:18 PM IST
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delhi verdict makes bjp path tough in jammu kashmir

दिल्ली के नतीजों का असर जम्मू कश्मीर ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। भाजपा और पीडीपी में नई सरकार के गठन पर अंतिम दौर की आधिकारिक वार्ता को दिल्ली चुनाव तक टाला गया था।

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भाजपा ने दिल्ली में अच्छे प्रदर्शन का सपना पाल रखा था। पीडीपी की ओर से अफजल गुरु की फांसी की बरसी तक मामले को टाला गया था।

दिल्ली चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और इधर अफजल गुरु की फांसी की बरसी के दौरान सुरक्षा बलों की जवानों की गोली से एक युवक की मौत हो चुकी है।

इससे पीडीपी अफस्पा की वापसी के मुद्दे पर अड़ सकती है। ताजा घटनाक्रम ने सियासी समीकरणों पर गहरा असर डाला है। अब पीडीपी सत्ता में अधिक हिस्सेदारी के लिए दवाब बनाने के मूड में है।
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ताजा उभरे समीकरणों के बाद आधिकारिक वार्ता कुछ दिनों के लिए टलने के आसार हैं।

सत्ता बंटवारे का फार्मूला अभी फाइनल नहीं

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भाजपा और पीडीपी ने अबतक अनौपचारिक बातचीत में न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर ही जोर दिया था। इसमें विकास को समझौते का मूल आधार बनाया गया है। इस सहमति को टेबुल पर होने वाली आधिकारिक बातचीत में अंतिम रूप दिया जाना है।

साथ ही सत्ता के बंटवारे के फार्मूले को भी फाइनल करना है। भाजपा को जम्मू में और पीडीपी को कश्मीर संभाग में बहुमत मिला है। इस आधार पर भाजपा रोटेशन सीएम के फार्मूले पर जोर देती रही है।

भाजपा के वार्ताकार महासचिव राम माधव ने पीडीपी के वार्ताकार डा. हसीब द्राबू के समक्ष यह मुद्दा पहले साफ कर दिया था।

भाजपा कोर कमेटी का भी मत रहा है कि चूंकि जम्मू संभाग की जनता ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए वोट दिया है इसलिए उनकी भावना की अवहेलना नहीं की जा सकती। पीडीपी इस व्यवस्था पर सहमत भी दिख रही थी।

जम्मू कश्मीर मुस्लिम बहुल रियासत

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लेकिन अब दिल्ली के चुनाव नतीजों के बाद भाजपा का मनोबल गिरा है और पीडीपी बहुमत के जनादेश के सम्मान की बात करने लगी है। जम्मू कश्मीर मुस्लिम बहुल रियासत है। यहां मुसलमानों की आबादी 68 प्रतिशत से अधिक है।

इस तर्क पर पहले भी रियासत में हिन्दू और जम्मू के सीएम की मांग का विरोध होता रहा है। दिल्ली के नतीजों के बाद पीडीपी पूरे छह साल के लिए मुख्यमंत्री के पद पर अड़ सकती है।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस की एकजुटता और तीन अन्य विधायकों द्वारा इस गठजोड़ को समर्थन ने भावी सियासत की दिशा निर्धारित कर दी है।

विरोधियों की एकजुटता के कारण भाजपा को राज्यसभा की एक सीट पर पराजय का मुंह देखना पड़ा और कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद को जीत मिली।

अब नए समीकरण भाजपा को झुकने के लिए मजबूर कर सकते हैं। ताजा परिस्थतियों के बाद भाजपा अपनी शर्तों पर गठबंधन की स्थिति में नहीं दिखती है।

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पीडीपी के साथ बनेगी सरकार: भाजपा

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जनता सुप्रीम है: पीडीपी
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि दिल्ली के नतीजों के प्रमाणित किया है कि जनता सुप्रीम है। आम लोगों की भावनाओं की अवहेलना नहीं की जा सकती। अख्तर ने कहा कि दिल्ली चुनाव और जम्मू कश्मीर में सरकार गठन दो अलग मसले हैं। इसलिए रियासत में सरकार गठन पर असर नहीं पड़ेगा।

पीडीपी के साथ बनेगी सरकार: भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि रियासत में सरकार गठन के लिए बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। औपचारिक बातचीत में कुछ मसलों को तय किया जाना है। इसे जल्द पूरा किया जा सकता है।

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