राजनयिकों को कश्मीरी पंडितों ने दिखाए पोस्टर, लिखा- कश्मीर को इस्लामिक आतंकवाद से मुक्त करें
नेशनल कांफ्रेंस ने राजनयिकों के दौरे को बताया योजनाबद्ध
कांग्रेस प्रवक्ता बोले- पार्टी को नहीं मिला मुलाकात का न्यौता
कश्मीरी पंडितों से मुलाकात करेंगे 15 देशों के राजनयिक
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अनुच्छेद 370 हटाने के बाद दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिकों ने यात्रा के दूसरे दिन यानी कि आज जम्मू में राज्य प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनयिकों ने जम्मू में कई सामाजिक प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की है।
Delegation of 15 foreign envoys meets civil society representatives and community leaders in Jammu. The delegation had arrived in J&K yesterday and had met political leaders and Senior Army officials in Srinagar. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/C81mFnhrzGविज्ञापन— ANI (@ANI) January 10, 2020
प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीरी पंडितों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल दोपहर बाद नगरोटा क्षेत्र में जगती स्थित कश्मीरी पंडितों की कॉलोनी पहुंचा। यहां एक महिला समेत दो कश्मीरी पंडितों ने हालात की जानकारी दी। वहीं जगती मार्ग पर ही दो कश्मीरी पंडितों ने राजनयिकों को स्लोगन लिखे हुए पोस्टर दिखाए। इन पोस्टरों पर लिखा था कि इस्लामिक आतंकवाद से कश्मीर को मुक्त कराया जाए। बता दें कि इस इलाके में ही सरकार ने विस्थापित पंडितों के लिए 4218 फ्लैट बनाए हैं। यह विस्थापित कश्मीरी पंडितों की सबसे बड़ी कॉलोनी है।
Jammu: Two Kashmiri Pandits show placards saying 'Free Kashmir from Islamic Terrorism' to delegation of 15 foreign envoys which was on its way to Jagti Migrant Township pic.twitter.com/MkRf335ydE
— ANI (@ANI) January 10, 2020
उनमुक्त माहौल में हुआ संवाद : बुखारी
पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर विदेशी राजनयिकों को अनुच्छेद 370 के रद्द होने के बाद के हालात और संभावित दिशा के बारे में जानकारी दी। बुखारी ने बैठक के बाद बताया कि यह स्वतंत्र और उन्मुक्त माहौल में विचारों का आदान-प्रदान था। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के नेता थे। बुखारी ने कहा ‘आप यह कह सकते हैं कि यह उन नेताओं की बैठक थी जिनकी जम्मू कश्मीर के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में रुचि है।’
वहीं पहले दिन की यात्रा के दौरान पीडीपी ने कहा कि विभिन्न देशों के राजदूतों का जम्मू-कश्मीर दौरा कश्मीर में सरकार द्वारा किए गए बंद को सामान्य दिखाने का प्रयास है। पार्टी ने केंद्र को चुनौती दी कि वह राजदूतों को हिरासत में रखे गए राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की इजाजत दे।
नेशनल कांफ्रेंस ने दौरे को बताया योजनाबद्ध
पीडीपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय राजदूतों के दूसरे जत्थे को कश्मीर में असली हालात दिखाने नहीं लाया गया है। जेलों में राजनीतिक नेता बंद किए गए हैं। यह दौरा कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को गलत साबित करने की सरकार के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। राजदूतों से पीडीपी के नेता सैयद अल्ताफ बुखारी समेत कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात की। सरकार ने उन लोगों को जेल में डाला जिन्होंने लोकतंत्र के लिए काम किया। सरकार को समझना चाहिए कि जो वास्तव में कश्मीर की मिट्टी से प्रेम करते हैं वह बिकाऊ नहीं हैं।
नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के अपने दावे पर मुहर लगवाने वाले के लिए जिस तरह से विभिन्न देशों के राजनायिकों को यहां लायी है उससे निराशा हुई है। यह दौरा योजनाबद्ध है, उनसे चुनिंदा लोगों से मिलवाया गया जो सरकार के रुख के अनुरूप बोलते हैं। जम्मू-कश्मीर में अगर हालात सामान्य है तो तीन पूर्व मुख्यमंत्री सहित सैकड़ों लोग 160 दिनों से नजरबंद क्यों रखे गए हैं।
कांग्रेस को मुलाकात का न्यौता नहीं
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि राजदूतों से मिलने के लिए कांग्रेस को कोई न्यौता नहीं दिया गया। ऐसी सूचना मिली है कि राजदूतों से कुछ चुनिंदा राजनेताओं को मिलने दिया गया है।