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कश्मीर में रक्षामंत्री: गिलगित-बाल्टिस्तान के बिना जम्मू-कश्मीर अधूरा, बाकी हिस्से को लेने के लिए प्रतिबद्ध

Fri, 28 Oct 2022 02:06 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 28 Oct 2022 02:06 AM IST
सार

रक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कुछ स्वार्थी तत्वों ने कश्मीरी समाज को अनेक हिस्सों में बांट दिया था। कश्मीरी समाज कश्मीरियत भूलकर हिंदू, मुस्लिम, राजपूत व सिख में बंट गया। अब पिछले कुछ वर्षों में क श्मीर की हो या देश की फिजां बदली है।

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Defense Minister said: Jammu and Kashmir incomplete without Gilgit-Baltistan
कश्मीर में कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : विज्ञप्ति

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि  अपने बाकी बचे हिस्से गिलगित व बाल्टिस्तान तक पहुंचे बिना जम्मू-कश्मीर अधूरा है। अभी तो हमने उत्तर दिशा की ओर चलना शुरू किया है। हमारी यात्रा तो तब पूरी होगी, जब हम 22 फरवरी 1994 को संसद में सर्वसम्मति से पारित हुए प्रस्ताव को अमल में लाएंगे। वह जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की अपनी दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन श्रीनगर में सेना के शौर्य दिवस समारोह में बोल रहे थे। 

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स्वार्थी तत्वों ने कश्मीरी समाज को अनेक हिस्सों में बांटा

रक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कुछ स्वार्थी तत्वों ने कश्मीरी समाज को अनेक हिस्सों में बांट दिया था। कश्मीरी समाज कश्मीरियत भूलकर हिंदू, मुस्लिम, राजपूत व सिख में बंट गया। अब पिछले कुछ वर्षों में क श्मीर की हो या देश की फिजां बदली है।

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प्रदेश एक के बाद एक विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा

लोगों में एकजुटता आई है और लोग एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे हैं। 370 हटने के बाद कश्मीर और लद्दाख का क्षेत्र आज सामान्य प्रदेशों से कहीं अधिक रफ्तार से प्रगति के रास्ते पर है। यह प्रदेश एक के बाद एक विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। अभी तो हमने इस इलाके के विकास का आगाज भर किया है। 

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वहां के लोगों को उसने कितने अधिकार

उन्होंने कहा कि यहां मैं पाकिस्तान से यह सवाल जरूर पूछना चाहूंगा कि हमारे जिन इलाकों पर उसने अपना कब्जा जमाया हुआ है, वहां के लोगों को उसने कितने अधिकार दे रखे हैं। मानवाधिकार के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहाने वाला पाकिस्तान इन इलाके के लोगों की कितनी चिंता करता है यह सब जानते हैं।

हमने जनता का आशीर्वाद प्राप्त किया

उन्होंने कहा कि जिस वादे के साथ हमने जनता का आशीर्वाद प्राप्त किया है, उसी निष्ठा के साथ ही उनकी सेवा भी की है। जम्मू-कश्मीर के एकीकरण का संकल्प और उसकी आंच हम लगातार पिछले सात दशकों से अपने दिल में संजोये बैठे थे।

  • लोगों ने हम पर विश्वास किया और समय बीतने के साथ हम इस कार्य में सफल हुए। हमने इस बात का हमेशा ध्यान रखा है कि वादे कम तथा काम ज्यादा। आज अगर हमें पूरे देश का आशीर्वाद मिल रहा है तो उसके पीछे हमारे ऊपर जनता का विश्वास ही है। 

श्यामा प्रसाद मुखर्जी व डोगरा समुदाय की अहम भूमिका

राजनाथ सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण का महायज्ञ शुरू किया था जिसकी पूर्णाहुति 5 अगस्त 2019 को हुई जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को हटाया गया। इस क्षेत्र में उम्मीदों की एक नई सुबह हुई।

सैन्य शक्ति में भी डोगरा रेजीमेंट हमारी सेना के सबसे गौरवशाली रेजीमेंट्स में से एक है। लगभग 150 सालों के अपने गौरवपूर्ण इतिहास में जब-जब जरूरत पड़ी तो डोगरा रेजीमेंट के जवानों ने साहस, शौर्य व पराक्रम के साथ सदैव अपना परिचय दिया है।

जम्मू-कश्मीर के विकास का इतिहास उठाकर देखा जाए तो उसमें डोगरा समुदाय की बड़ी अहम भूमिका दिखाई देगी। महाराजा गुलाब सिंह से लेकर महाराजा हरि सिंह के नेतृत्व में डोगरा समुदाय ने जम्मू-कश्मीर में सामाजिक-आर्थिक विकास की धारा बहाई।

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