Siachen: राजनाथ सिंह ने जवानों से की मुलाकात, पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर लगे भारत माता की जय के नारे, देखें
Rajnath Singh Siachen Visit : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज लद्दाख पहुंचे। जहां उन्होंने सियाचिन में जवानों से मुलाकात की।
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख के लेह में पहुंच चुके हैं। जहां वह सियाचिन में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों से मिले और बातचीत की। आज सुबह ही दिल्ली से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सियाचिन के लिए विमान से रवाना हुए थे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा कि सियाचिन के लिए दिल्ली से रवाना हो रहा हूं। वहां तैनात हमारे साहसी सशस्त्र बल कर्मियों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं।
#WATCH लद्दाख: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियाचिन बेस कैंप में युद्ध स्मारक पर बहादुरों को पुष्पांजलि अर्पित की। pic.twitter.com/kKk9Uy0qrD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2024विज्ञापन
सियाचिन में जवानों के साथ मुलाकात के दौरान वहां भारत माता की जय के जोरदार नारे लगे। इस दौरान राजनाथ सिंह भी वहां पर मौजूद थे।
#WATCH | The chants of 'Bharat Mata Ki Jai' resonate in the air at Kumar's post of Siachen Glacier in Ladakh as jawans raise slogans after interacting with Defence Minister Rajnath Singh. pic.twitter.com/SectSiDtN3
— ANI (@ANI) April 22, 2024
सियाचिन बेस कैंप में जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर आप जिस तरह से देश की रक्षा करते हैं। उसके लिए मैं आपको बधाई देता हूं।
Defence Minister Rajnath Singh with the Armed Forces personnel deployed at Kumar post of Siachen Glacier in Ladakh.
— ANI (@ANI) April 22, 2024
He interacted with them here, today. pic.twitter.com/EHC5Mp0gem
उन्होंने आगे कहा कि सियाचिन की भूमि कोई सामान्य भूमि नहीं है। यह एक प्रतीक है। यह देश की संप्रभुता और दृढ़ता का प्रतिनिधित्व करता है। हमारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है, मुंबई हमारी आर्थिक राजधानी है, हमारी तकनीकी राजधानी बेंगलुरु है, लेकिन सियाचिन वीरता और साहस की राजधानी है।
#WATCH | Ladakh: Addressing the troops at Siachen Base Camp, Defence Minister Rajnath Singh says, "I congratulate you for the way you protect the country at the world's highest battlefield, Siachen glacier. The land of Siachen is not an ordinary land. It is a symbol of the… pic.twitter.com/5V9UrQrieG
— ANI (@ANI) April 22, 2024
इससे पहले रक्षा मंत्री कार्यालय ने 'एक्स' पर उनके दौरे की जानकारी साझा की थी। बताते चलें कि होली के अवसर पर राजनाथ सिंह का सियाचिन जाकर सैनिकों के साथ त्योहार मनाने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया था। उस वक्त रक्षा मंत्री लेह में ही सैनिकों के साथ होली मनाकर लौट गए थे।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भारतीय सेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सियाचिन ग्लेशियर पर अपनी मौजूदगी के 40 साल पूरे किए। काराकोरम रेंज में करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र माना जाता है, जहां सैनिकों को शीतदंश और तेज हवाओं से जूझना पड़ता है।
अपने 'ऑपरेशन मेघदूत' के तहत भारतीय सेना ने अप्रैल 1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया था। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना ने सियाचिन में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। पिछले साल जनवरी में, सेना के इंजीनियर्स कोर से कैप्टन शिवा चौहान को सियाचिन ग्लेशियर में एक अग्रिम पंक्ति की चौकी पर तैनात किया गया था, जो कि प्रमुख युद्धक्षेत्र में किसी महिला सेना अधिकारी की पहली ऐसी परिचालन तैनाती थी।