दविंदर सिंह मामले में बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी दूतावास लोगों को भड़काने के लिए एडवोकेट को देता था पैसे
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह और हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सैयद नवीद मुश्ताक उर्फ नवीद बाबू समेत छह लोगों के खिलाफ आतंक फैलाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। दाखिल आरोपपत्र में ओवर ग्राउंड वर्कर इरफान शफी मीर व रफी अहमद राथर, कारोबारी तनवीर अहमद वानी और नवीद बाबू के भाई सैयद इरफान अहमद का नाम भी शामिल है। कुलगाम जिले के काजीगुंड इलाके में 11 जनवरी को हिजबुल के कमांडर नवीद बाबू, रफी अहमद राथर, डिप्टी एसपी दविंदर सिंह व इरफान शफी मीर उर्फ एडवोकेट को गिरफ्तार किया गया था।
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जांच में यह बात भी सामने आई कि एडवोकेट ने पाकिस्तान में न केवल हिजबुल के आकाओं से मुलाकात की बल्कि आईएसआई के उमर चीमा, अहसान चौधरी, सोहैल अब्बास व अन्य लोगों से भी मिला। उसे कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए नए हवाला चैनल को शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इतना ही नहीं एडवोकेट दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के चुनिंदा अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में था।
अधिकारियों की ओर से जम्मू-कश्मीर में सेमिनार कराने के लिए पैसे दिए जाते थे ताकि लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काया जा सके। वह पाकिस्तानी दूतावास से निर्देश और पैसे भी प्राप्त करता था। साथ ही पाकिस्तान भेजने के लिए कई कश्मीरियों को वीजा भी दिलवाया था। जांच में यह बात सामने आई कि पाकिस्तान आधारित हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैय्यद सलाहुद्दीन, डिप्टी चीफ आमिर खान, ऑपरेशनल प्रमुख खुर्शीद आलम और वित्त प्रमुख नजर महमूद व अन्य लोग जम्मू-कश्मीर में संगठन के आतंकियों व कमांडर को समर्थन देते रहे हैं।
नवीद एलओसी ट्रेड कारोबारियों से वसूलता था पैसे
जांच में यह भी पता चला कि भगोड़ा नवीद बाबू अनुच्छेद 370 हटने के बाद मजदूरों और ट्रक चालकों की हत्या में शामिल था। वह भोले-भाले युवाओं को हिजबुल में शामिल करता था। वह एलओसी ट्रेडर्स से फंड लेता था। एलओसी ट्रेडर्स एसोसिएशन का पूर्व अध्यक्ष तनवीर अहमद वानी उसे फंड मुहैया कराता था। इसमें पीओके ट्रेड से जुड़े कारोबारियों से मदद ली जाती था। जांच में यह बात भी सामने आई कि सीमा पार से तस्करों तथा दविंदर सिंह से हथियार प्राप्त किए जाते थे। इन हथियारों का बाद में आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता था।