21 साल बाद घर लौटेगा लापता जवान का पार्थिव शरीर
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इसी क्षेत्र में तैनात 12 मद्रास रेजिमेंट की पेट्रोलिंग टीम ने बीते रविवार को हिम दरार में फंसा एक शव देखा और उसे निकाला। शिनाख्त में इस बात की पुष्टि की गई कि शव हवलदार पाटिल का है।
हवलदार के शव की शिनाख्त उनकी जेब से बरामद पारिवारिक पत्र और मेडिकल सर्टिफिकेट से संभव हो गई। उल्लेखनीय है कि 1987 में सियाचिन में ही ग्लेशियर के दक्षिणी क्षेत्र में हवलदार पाटिल का छोटा भाई जाककि सेना की मराठा लाइट इनफैंट्री में तैनात था भी हिम दरार में गिरकर लापता होगया था।
बताते चलें इससे पहले भी हिमायलन क्षेत्र में ही सियाचिन क्षेत्र में एक जवान का शव कई सालों बाद बरामद हुआ था।
1993 में पेट्रोलिंग के दौरान धंस गए थे हिम दरार में
21 साल पहले फरवरी के महीने में उत्तरी ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान हिम दरार में धंस कर लापता हो गए सेना के हवलदार तुकाराम विठोबा पाटिल का पार्थिव शरीर सेना की पेट्रोलिंग पार्टी ने ढूंढ निकाला है।
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चार मराठा लाइट इनफैंट्री के हवलदार तुकाराम विठोबा पाटिल 27 फरवरी 1993 को सियाचिन के उत्तरी ग्लेशियर में अन्य जवानों के साथ पेट्रोलिंग पर थे।
इसी दौरान वह हिम दरार में गिरकर लापता हो गए थे। सेना की कई कोशिशों के बावजूद हवलदार पाटिल का शव बरामद नहीं किया जा सका था। जिसके बाद से समय समय पर हलवदार को ढूंढने के प्रयास होते रहे।