कश्मीर के हालात और बिगड़े, 40 लोगों की मौत, बुरहान की मुठभेड़ वाला घर फूंका
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दक्षिणी कश्मीर के कोकरनाग इलाके के बमदूरा गांव में हिंसक भीड़ ने उस घर को आग लगा दी, जहां बुरहान और उसके दो साथी मारे गए थे। घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। जुमे की नमाज के मद्देनजर कश्मीर के सभी दस जिलों श्रीनगर, गांदरबल, अनंतनाग, बारामुला, पुलवामा, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, कुलगाम, बडगाम और शोपियां में शुक्रवार को कर्फ्यू रहेगा।
मोबाइल सेवा भी ठप की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने को कहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी दो दिन का अलर्ट जारी किया है। घाटी की हिंसा में मरने वालों की संख्या 40 तक पहुंच गई है। इनमें एक एसपीओ भी शामिल है।
दमहाल हांजीपोरा पुलिस थाने से लापता तीन पुलिस कर्मियों और हथियारों के जखीरे का अब तक पता नहीं चल सका है। इंटरनेट तथा रेल सेवा छठवें दिन भी ठप रही। पुलिस ड्रोन के जरिये प्रदर्शनकारियों पर नजर रखेगी। लाल चौक इलाके में इसका ट्रायल किया गया। ड्रोन पांच किलोमीटर के दायरे पर नजर रखेगा।
तेल की सप्लाई ठप, जुमे पर ड्रोन से रखी जाएगी नजर
बुरहान की मुठभेड़ वाला घर फूंकने वाली भीड़ का गुस्सा इस बात पर था कि घर वालों ने बुरहान के बारे में सुरक्षा बलों को सूचना दी थी। हालांकि, जिस वक्त यह घटना हुई उस समय परिवार का कोई भी सदस्य घर पर मौजूद नहीं था।
मध्य कश्मीर के चिचिलीपोरा मागाम में सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। एसएमएचएस अस्पताल में वीरवार को दोपहर बाद एक अलगाववादी महिला नेता ने बुरहान के पोस्टर चिपका दिए, जिन्हें पुलिस ने हटा दिया। अब तक मरने वालों में सबसे अधिक अनंतनाग जिले के हैं। बंद के कारण घाटी में जनजीवन बुरी तरह तहस-नहस हो चुका है।
श्रीनगर तथा कारगिल-लेह में तेल की सप्लाई टैंकर चालकों ने रोक दी है। आल जेएंडके पेट्रोल टैंक आनर्स एसोसिएशन के प्रधान आनन शर्मा के अनुसार 100 से अधिक टैंकर घाटी में पथराव के शिकार हुए हैं। खन्नाबल में पथराव किया जा रहा है। जेवन डिपो में हथियारबंद युवक चालकों को लौटने के लिए धमका रहे हैं। पर्याप्त सुरक्षा मुहैया होने तक सप्लाई ठप रखी जाएगी।
डाक्टरों की टीम लौटी, तीन हजार से ज्यादा लोग जख्मी
राज्य सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि अब तक 31 लोगों की मौत हुई है। 3140 लोग जख्मी हैं, जिनमें 1500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। 198 अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें 134 को आंखों में चोट है। आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी के मुताबिक अब तक 25 सरकारी भवनों को आग लगाई गई है।
125 सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया है। इनमें पुलिस थाने, सुरक्षा बलों के कैंप और रेलवे स्टेशन शामिल हैं। स्थिति को नियंत्रित करने में सिविल सोसाइटी ने काफी मदद की है। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा।
दिल्ली से भेजी गई डाक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने वीरवार को अस्पताल में भर्ती घायलों को देखा। उनके चोट तथा चल रहे इलाज के विषय में जानकारी ली। आवश्यक सुझाव तथा परामर्श दिए। उन्होंने आंखों में लगी चोट से पीडि़त घायलों को भी देखा। वीरवार को यह टीम दिल्ली लौट गई।