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छोटा काशी पुरमंडल में कर रहे हैं लोग पिंडदान
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पुरमंडल में पूजन करते पुजारी।
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बाड़ी ब्राह्मणा। छोटा काशी पुरमंडल में लोग आस्था के साथ पितरों का पिंडदान कर रहे हैं। छोटा काशी में दूसरे दिन भी लोगों ने पितरों के लिए देविका में पूजा अर्चना की और बुजुर्गों की याद में पिंडदान किया। उसके उपरांत साधु संत और लोगों को भोजन कराया।
पुरमंडल देविका नदी में लोग आस्था के साथ पिंडदान करते हैं। क्योंकि देविका में किया गया पिंडदान पितरों तक पहुंचता है। जिन लोगों के घरों में शादी हुई होती है। जो लोग पितरों के श्राद्ध को भूल गए होते हैं या किसी कारण वह श्राद्ध नहीं कर पाते हैं। उन्हीं पितरों को मुख्यधारा में लाने के लिए लोग पुरमंडल में पिंडदान करते हैं।
अमावस्या के दिन पितृ पूजन के लिए छोटा काशी में बड़े पैमाने पर लोग आते हैं। श्राद्ध में आई अमावस्या के मौके पर अज्ञात पिंडदान का भी विकल्प होता है, जिससे किसी को भी याद करने के उपरांत पिंडदान कर दिया जाए तो वह उस तक पहुंच जाता है। क्योंकि देविका में किया गया अज्ञात पिंडदान मान्यता के अनुसार पितरों को पहुंच जाता है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी लोग छोटा काशी आकर श्राद्ध और अमावस्या के मौके पर हाजिरी लगाते हैं।
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पंडित जय कृष्ण बडू ने बताया कि दूसरे राज्यों से भी लोग श्राद्ध के मौके पर आते हैं। रविवार को भी उत्तर प्रदेश के लोग श्राद्ध की विधि को पूरा करने के लिए पुरमंडल आए।
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पुरमंडल देविका नदी में लोग आस्था के साथ पिंडदान करते हैं। क्योंकि देविका में किया गया पिंडदान पितरों तक पहुंचता है। जिन लोगों के घरों में शादी हुई होती है। जो लोग पितरों के श्राद्ध को भूल गए होते हैं या किसी कारण वह श्राद्ध नहीं कर पाते हैं। उन्हीं पितरों को मुख्यधारा में लाने के लिए लोग पुरमंडल में पिंडदान करते हैं।
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अमावस्या के दिन पितृ पूजन के लिए छोटा काशी में बड़े पैमाने पर लोग आते हैं। श्राद्ध में आई अमावस्या के मौके पर अज्ञात पिंडदान का भी विकल्प होता है, जिससे किसी को भी याद करने के उपरांत पिंडदान कर दिया जाए तो वह उस तक पहुंच जाता है। क्योंकि देविका में किया गया अज्ञात पिंडदान मान्यता के अनुसार पितरों को पहुंच जाता है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी लोग छोटा काशी आकर श्राद्ध और अमावस्या के मौके पर हाजिरी लगाते हैं।
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पंडित जय कृष्ण बडू ने बताया कि दूसरे राज्यों से भी लोग श्राद्ध के मौके पर आते हैं। रविवार को भी उत्तर प्रदेश के लोग श्राद्ध की विधि को पूरा करने के लिए पुरमंडल आए।