आरएस पुरा। सीमावर्ती गांव सत्तोवाली के शांतिकुंज आश्रम में चल रहे 17 वें नवचंडी यक्ष शुक्रवार को संत जोगिंद्र शास्त्री ने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु की पूजा करें। इससे जीवन के हर संकट दूर होंगे। सावन में भगवान शिव की पूजा करें, इससे विवाह, सुख और आयु की प्राप्ति होगी। भाद्रपद में भगवान कृष्ण की उपासना करें, इससे संतान और विजय का वरदान मिलेगा। आश्विन में देवी और श्रीराम की उपासना करें, इससे विजय, शक्ति और आकर्षण का वरदान मिलेगा। कार्तिक में श्रीहरि और तुलसी की उपासना होती है, इससे राज्य सुख और मुक्ति मोक्ष का वरदान मिलता है। गायत्री मंत्र, पीपल की पूजा और एक समय के आहार से पूर्ण रूप से भक्ति करने पर लंवी आयु की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म के मार्ग पर चलते भगवान उन पर सदा अपनी कृपा बनाए रखते हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री व भाजपा के उपाध्यक्ष चौधरी श्याम लाल मुख्य तौर पर मौजूद थे। उन्होने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों के कारण ही प्रदेश में शांति है। हमें उन शरारती तत्वों से भी सावधान रहने की जरूरत है, जो लोगों को बांटने का प्रयास करते हैं। इस अवसर पर उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल पप्पी, सरपंच ओंकार सिंह, प्रवीण सिंह पिंका और अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।