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अपने छाले दस्दे लोग, मेरे दिखिए हस्दे...
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 03 Nov 2014 11:11 PM IST
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कला, संस्कृति और भाषा अकादमी जम्मू के तत्वावधान में केएल सहगल सभागार में सोमवार शाम डोगरी के प्रसिद्ध कवि वीरेंद्र केसर की गजलों पर आधारित संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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इस संगीतमय कार्यक्रम के दौरान गजलों को अपने मधुर स्वरों से सजाकर गायक कलाकारों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। अपूर्वा जम्वाल ने स्व. वीरेंद्र केसर की डोगरी गजल की पंक्ति ‘अपने छाले दस्दे लोग, मेरे दिखिए हस्दे लोग’ को मधुर स्वर प्रदान कर सबको भाव-विभोर किया।
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गायक बिशन दास ने भी अपने स्वरों को केसर के गजल पंक्तियों से बांधकर आकर्षक प्रस्तुति दी। इसके बाद निधि कैला ने वीरेंद्र केसर की प्रसिद्ध गजल ‘धागा-धागा आस दरहोड़ी, जा तेरी बी हीखी छोड़ी...’प्रस्तुत कर अपनी संगीत कला का परिचय दिया और श्रोता समाज को आनंद विभोर किया।
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इस कार्यक्रम में पांच-छह कलाकारों ने अपने मधुर स्वरों से वीरेंद्र केसर की प्रसिद्ध गजलों को आवाज देकर संगीतमय प्रस्तुतियों से सराबोर किया। इस मौके पर कल्चरल एकेडमी जम्मू के अतिरिक्त सचिव अरविंदर सिंह अमन उपस्थित रहे। डोगरी काव्य साहित्य और कला प्रेमी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर डोगरी कवि वीरेंद्र केसर को सादर स्मरण किया।