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बेरोजगारों के भरोसे चल रहा है रोजगार
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जम्मू की एक दुकान में नौकरी के लिए लगाई गए इश्तिहार।
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जम्मू/ बाड़ी ब्राह्मणा। शहर में कुछ ऐसी दुकानें सजी हुई हैं जिनका रोजगार बेरोजगारों के भरोसे चल रहा है। इन दुकानों पर नौकरी में आवेदन करने के नाम पर भोले भाले बेरोजगार युवाओं को लूटा जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशासनिक अमला यह जानते हुए कि खुलेआम युवाओं की जेब पर डाका जा रहा है, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। नतीजतन ऐसे दुकानदारों की दुकानें बेरोजगारों के भरोसे दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रही हैं।
जम्मू शहर में जीवल चौक के निकट स्थित साइंस कॉलेज, परेड मैदान के निकट गवर्नमेंट डिग्री कॉजेल, जम्मू विश्वविद्यालय, गांधी नगर गोल मार्केट ऐसे स्थान हैं जहां पर कई ऐसी दुकानें खुली हुई हैं जिनका रोजगार बेरोजगारों के भरोसे चल रहा है। इन दुकानों पर नौकरी के आवेदन के लिए बड़े-बड़े इश्तिहार लटकाए गए हैं जिनमें एसएसबी में भर्ती, बैंक में भर्ती, एसएससी में भर्ती, यूपीएससी में भर्ती समेत अनेक नौकरियों में आवेदन भरने के लिए बेरोजगार युवाओं को आकर्षित किया जाता है। फार्म के नाम पर उनके 30 से 50 रुपये तक चार्ज किया जाता है। कई दुकानों पर तो इस तरह के इश्तिहार लगाए गए हैं कि जो दिल्ली, नोएडा, चंडीगढ़ में निजी कंपनी में बंपर भर्ती होना बताया जा रहा है। बेरोजगार युवक इन्हें देखकर और रोजगार की तलाश में पहुंच जाते हैं। यहां से उन्हें सिर्फ फार्म की बिक्री की जाती है। नौकरी से संबंधित कोई विशेष जानकारी नहीं दी जाती है, बल्कि अखबार का हवाला दिया जाता है और उसमें विज्ञापन के आधार पर फार्म बेचना बताया जाता है। नौकरी के तलाश में भटक रहे युवा उनके इश्तिहार देखकर पहुंचते हैं और फार्म के नाम पर 30 से 50 रुपये के रूप में ठगे जाते हैं।
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साइबर कैफे में भी हो रही ठगी
नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए बहुत से विभाग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने या आवेदन फार्म भराने की प्रक्रिया को अपनाने के दिशा निर्देश देते हैं। ऐसे में वे साइबर कैफे में पहुंचते हैं। यहां पर एक आवेदन फार्म भरने के भी 50 रुपये से अधिक चार्ज किया जाता है। बाकी आगे वे भले ही उसके लिए उपयुक्त होते हों या नहीं, लेकिन साइबर कैफेे अपनी रकम एेंठ चुके होते हैं।
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विश्वविद्यालय के फार्म भरने में भी गोलमाल
ऐसी दुकानों पर दूसरे राज्य के विश्वविद्यालयों या तकनीक संस्थान के लिए भी आवेदन बेचे और भरे जाते हैं। मसलन आईआईटी में प्रवेश, सीपीएमटी, चिकित्सा कॉलेज आदि के लिए आवेदन ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया में युवाओं से अनाप शनाप चार्ज वसूल किया जाता है। इसके साथ ही अब डोमिसाइल फार्म, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, आधार कार्ड समेत अनेक प्रकार के दस्तावेज तैयार करने में भी बेरोजगारों के साथ गोलमाल किया जा रहा है।
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जहां बेरोजगार युवाओं की बात आती है तो निजी क्षेत्र की बसों में विद्यार्थियों के लिए किराए में 40 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर इस तरह की ठगी अच्छी बात नहीं है। इसमें इंप्लायमेंट एक्सचेंज कार्यालय की तरफ से यह व्यवस्था की जानी चाहिए कि आवेदन भरने की प्रक्रिया वहां हो। यहां युवाओं से व्यवस्था के नाम पर कुछ शुल्क लिया जा सकता है।
-अब्दुल कादिर, प्रबंधक, शेर-ए-कश्मीर पब्लिक स्कूल, बाड़ी ब्राह्मणा
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जम्मू शहर में जीवल चौक के निकट स्थित साइंस कॉलेज, परेड मैदान के निकट गवर्नमेंट डिग्री कॉजेल, जम्मू विश्वविद्यालय, गांधी नगर गोल मार्केट ऐसे स्थान हैं जहां पर कई ऐसी दुकानें खुली हुई हैं जिनका रोजगार बेरोजगारों के भरोसे चल रहा है। इन दुकानों पर नौकरी के आवेदन के लिए बड़े-बड़े इश्तिहार लटकाए गए हैं जिनमें एसएसबी में भर्ती, बैंक में भर्ती, एसएससी में भर्ती, यूपीएससी में भर्ती समेत अनेक नौकरियों में आवेदन भरने के लिए बेरोजगार युवाओं को आकर्षित किया जाता है। फार्म के नाम पर उनके 30 से 50 रुपये तक चार्ज किया जाता है। कई दुकानों पर तो इस तरह के इश्तिहार लगाए गए हैं कि जो दिल्ली, नोएडा, चंडीगढ़ में निजी कंपनी में बंपर भर्ती होना बताया जा रहा है। बेरोजगार युवक इन्हें देखकर और रोजगार की तलाश में पहुंच जाते हैं। यहां से उन्हें सिर्फ फार्म की बिक्री की जाती है। नौकरी से संबंधित कोई विशेष जानकारी नहीं दी जाती है, बल्कि अखबार का हवाला दिया जाता है और उसमें विज्ञापन के आधार पर फार्म बेचना बताया जाता है। नौकरी के तलाश में भटक रहे युवा उनके इश्तिहार देखकर पहुंचते हैं और फार्म के नाम पर 30 से 50 रुपये के रूप में ठगे जाते हैं।
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साइबर कैफे में भी हो रही ठगी
नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए बहुत से विभाग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने या आवेदन फार्म भराने की प्रक्रिया को अपनाने के दिशा निर्देश देते हैं। ऐसे में वे साइबर कैफे में पहुंचते हैं। यहां पर एक आवेदन फार्म भरने के भी 50 रुपये से अधिक चार्ज किया जाता है। बाकी आगे वे भले ही उसके लिए उपयुक्त होते हों या नहीं, लेकिन साइबर कैफेे अपनी रकम एेंठ चुके होते हैं।
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विश्वविद्यालय के फार्म भरने में भी गोलमाल
ऐसी दुकानों पर दूसरे राज्य के विश्वविद्यालयों या तकनीक संस्थान के लिए भी आवेदन बेचे और भरे जाते हैं। मसलन आईआईटी में प्रवेश, सीपीएमटी, चिकित्सा कॉलेज आदि के लिए आवेदन ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया में युवाओं से अनाप शनाप चार्ज वसूल किया जाता है। इसके साथ ही अब डोमिसाइल फार्म, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, आधार कार्ड समेत अनेक प्रकार के दस्तावेज तैयार करने में भी बेरोजगारों के साथ गोलमाल किया जा रहा है।
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जहां बेरोजगार युवाओं की बात आती है तो निजी क्षेत्र की बसों में विद्यार्थियों के लिए किराए में 40 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर इस तरह की ठगी अच्छी बात नहीं है। इसमें इंप्लायमेंट एक्सचेंज कार्यालय की तरफ से यह व्यवस्था की जानी चाहिए कि आवेदन भरने की प्रक्रिया वहां हो। यहां युवाओं से व्यवस्था के नाम पर कुछ शुल्क लिया जा सकता है।
-अब्दुल कादिर, प्रबंधक, शेर-ए-कश्मीर पब्लिक स्कूल, बाड़ी ब्राह्मणा
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